श्रील हरिदास ठाकुर
नामाचार्य: पवित्र नाम के शिक्षक
श्रील हरिदास ठाकुर गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के वे सन्त हैं जिन्हें नामाचार्य अर्थात् पवित्र नाम के शिक्षक कहा जाता है। उनका जन्म मुस्लिम कुल में हुआ था। वे प्रतिदिन कृष्ण के तीन लाख नाम जपते थे। उनके अन्तिम वर्षों में पुरी में श्री चैतन्य महाप्रभु स्वयं उनसे मिलने आते थे।
पूरी जीवनी पढ़ेंश्रील हरिदास ठाकुर — सेट 1: उनका जीवन और विरासत
नामाचार्य, पवित्र नाम के शिक्षक: मुस्लिम कुल में जन्मे, वे प्रतिदिन कृष्ण के तीन लाख नाम जपते थे और
श्रील हरिदास ठाकुर — सेट 2: जन्म, उत्पीड़न, और वेश्या की परीक्षा
हरिदास ठाकुर के मुस्लिम कुल में जन्म, बाईस बाज़ारों में उनकी पिटाई, और बेनापोल में उनके जप-व्रत की प
श्रील हरिदास ठाकुर — सेट 3: पवित्र नाम पर शिक्षाएँ
चाँदपुर के सार्वजनिक शास्त्रार्थ और पुरी में श्री चैतन्य महाप्रभु के साथ हुए निजी संवाद पर आधारित पन
श्रील हरिदास ठाकुर — सेट 4: अन्तिम वर्ष और तिरोभाव
जगन्नाथ मन्दिर के निकट सिद्ध बकुल में हरिदास ठाकुर के अन्तिम वर्षों और पुरी में श्री चैतन्य महाप्रभु