Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

अभिन्न मदन

अभिन्न मदन
अर्थ

भगवान् गौर का रूप कामदेव से भी अधिक शोभायमान देखकर एक के बाद एक कामदेव लज्जित हो जाते हैं। भगवान् गौर का रूप सोने से भी अधिक शोभायमान देखकर स्वर्ण का मूर्तिमान रूप फीका पड़ जाता है और शोक की ज्वाला में जलता है।

टेक
अर्थ

भगवान् गौर के शोभायमान रूप के बराबर क्या है? एकान्त स्थान में भगवान् गौरांग भूमि पर लोटते हैं। मैं उन्हें सदा कब देखूँगा?

अर्थ

भगवान् गौर के शोभायमान रूप के आगे गोरा अतसी का फूल भद्दे कीड़े जैसा है। भगवान् गौर के गोरे रूप को देखना शायद कुछ-कुछ वैसा है जैसे बरसाती बादल के पीछे छिपी बिजली को चमकते देखना।

अर्थ

लक्ष्मीकान्त दास कहता है: तीनों लोकों में कोई भगवान् गौर के समान नहीं है। आवश्यकता पड़ी तो मैं अपने कुल की प्रतिष्ठा पर कालिख पोत दूँगा, पर भगवान् गौर को अपने हृदय में रखूँगा। मैं उनकी आराधना करूँगा।

इस भजन के बारे में

पद
4