Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
अद्वैत आचार्य गुण के कहिते पारे ये आनिल गौरचन्द्र जगत माझारे
अर्थ

अद्वैत आचार्य की महिमा का वर्णन कौन कर सकता है, जो भगवान गौरचन्द्र को इस जगत में ले आए?

हुङ्कार करि तुलसी देय बारे बारे नबद्वीपे गौर आनि तारिल संसारे
अर्थ

वे बार-बार तुलसी अर्पित करते रहे। बार-बार वे गरज कर पुकारते रहे। इस प्रकार अद्वैत आचार्य भगवान गौर को नवद्वीप में ले आए। इस प्रकार उन्होंने सबको जन्म-मृत्यु के संसार से तार दिया।

नित्यानन्द आसि मिले प्रभुर आगारे तिन जन एक भाबे नाचये अपारे
अर्थ

भगवान चैतन्य और भगवान नित्यानन्द अद्वैत आचार्य के घर पर मिले। प्रेम के अपार सागर में डूबकर वे तीनों नाचने लगे।

हरि-बोल हरि बोल भाबेते उच्चारे आबेशे पडिले भूमे एके धारे आरे
अर्थ

प्रेम से अभिभूत होकर वे 'हरिबोल! हरिबोल!' पुकारने लगे। प्रेम से अभिभूत होकर वे भूमि पर गिर पड़े।

आनन्द उत्सब करे भक्ते घरे घरे सङ्कर्षण पहुं पाछे फिरे द्वारे द्वारे
अर्थ

वे घर-घर जाकर भक्तों के साथ आनन्द के महोत्सव मनाते रहे। जब अद्वैत आचार्य द्वार-द्वार जाते, तब संकर्षण दास उनके पीछे-पीछे चलते।