Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
1 टेक
आजु आनन्दे निता-इ-चान्दे शोभमय सिंहा- सने बसा-इया केह ना धैरज बान्धे
अर्थ

आज निताईचंद्र प्रभु आनंदपूर्वक सिंहासन पर विराजमान हैं। वे सुंदर और तेजस्वी हैं। आज कोई भी शांत नहीं रह पाता।

सु-बासित गङ्गा-जल लैया पडि मन्त्र माथे ढले जल दामोदर हरषित हैया
अर्थ

मंत्रों का उच्चारण करते हुए आनंदित दामोदर प्रभु के मस्तक पर सुगंधित गंगाजल ढालते हैं।

जय जय ध्वनि करि मानुष मिसाञा सुर-गण शोभा निरखे नयन भरि
अर्थ

"जय! जय!" का महान कोलाहल गूँज उठता है। मनुष्यों के बीच घुल-मिलकर देवगण प्रभु की महिमा को निहारते हैं। वे उनके दर्शन से अपने नेत्र तृप्त करते हैं।

केह गाय अभिषेक रङ्गे पा-इया शुष्क- बास नरहरि चन्दन दे-इ से अङ्गे
अर्थ

कोई गीत गाता है। बड़ी शोभा के साथ अभिषेक होता है। मैं, नरहरि दास, सूखे वस्त्र लाता हूँ। मैं निताईचंद्र प्रभु के अंगों पर चंदन का लेप करता हूँ।