नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
आरे मोर आरे मोर नित्यानन्द राय
आरे मोर आरे मोर नित्यानन्द राय
आपे नावे आपे गाय चैतन्य बलाय
अर्थ
अरे! नित्यानन्द प्रभु मेरे स्वामी हैं। नित्यानन्द प्रभु मेरे स्वामी हैं। चैतन्य महाप्रभु के आदेश से वे कभी नृत्य करते हैं और कभी गाते हैं।
लम्फे लम्फे याय निता-इ गौराङ्ग-आबेशे
पापिया पाषण्द-मति ना राखिल देशे
अर्थ
गौरांग प्रभु के प्रेम में विभोर होकर वे उछल-उछलकर चलते हैं। उनके कारण देश में कोई पापी या पाषण्डी नहीं बचता।
पाट-बसन परे निता-इ मुकुट श्रबणे
झलमल झलमल नाना अभरणे
अर्थ
निताई प्रभु रेशमी वस्त्र और मोतियों के कुण्डल पहनते हैं। उनके अनेक आभूषण झिलमिल-झिलमिल चमकते हैं।
सङ्गे सङ्गे याय निता-इर रामा-इ सुन्दर
गौरी-दास आदि करि यत सहचर
अर्थ
निताई प्रभु अपने सखाओं के साथ रहते हैं, रामाई, गौरीदास और अनेक अन्य सखाओं के साथ।
चौदिके हरि-दास हरि-बोल बलाय
ज्ञान दास निशि दिशि निता-इर गुण गाय
अर्थ
चारों दिशाओं में भक्त 'हरिबोल!' गाते हैं। ज्ञान दास रात-रात भर निताई प्रभु की महिमा गाते हैं।