Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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1 टेक
आयत नित्यानन्द अदभुत चान्द सहज गमन नटन गति सुन्दर त्रि-भुबन जन मोहन छान्द
अर्थ

श्री नित्यानन्द प्रभु एक अद्भुत तेजस्वी चंद्रमा के समान हैं। उनका चलना और नाचना अत्यंत सुंदर है। वे तीनों लोकों के सभी जीवों को मोहित कर लेते हैं।

बयन नयन सु-बिमल सुन्दर अम्बुज मधुलिक भुज-युग भान्ति अरुणाधर-द्युति अरुणिह शोभे अति दशन मोति-फल पान्ति
अर्थ

उनके नेत्र और मुख तेजस्वी और सुंदर हैं। उनकी दोनों भुजाएँ कमल के फूलों और काले भौंरों के समान चमकती हैं। उनके लाल होंठ उगते सूरज की तरह चमकते हैं। उनके दाँत मोतियों की पंक्ति के समान हैं।

भब-तापित जन सिञ्चह स-करुण बचन पीयूष-रस धारे हरे कृष्ण नाम किरणे नाश-इ सब दुर्बासना आन्धियारे
अर्थ

जन्म-मृत्यु के इस संसार में दुखी जीवों पर वे अपने करुणामय वचनों का अमृत छिड़कते हैं। हरे कृष्ण महामंत्र के तेजस्वी प्रकाश से वे पापमय वासनाओं के अंधकार को नष्ट कर देते हैं।

चौदिके सङ्गी रङ्गी उडु मण्डल निशि दिशि चान्द परकाशे श्री-जाह्नबा-बल्लभ श्री-पाद-पल्लब आशे श्री-कानु दास भाषे
अर्थ

चारों ओर अपने संगियों से घिरे हुए वे उस चंद्रमा के समान हैं जो अनेक तारों से घिरा हुआ रात्रि को आलोकित करता है। वे जाह्नवा के सुंदर प्रियतम हैं। उनके सुंदर चरण-कमलों को पाने की आकांक्षा से कानू दास ये वचन कहते हैं।