Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
बड-इ दयाल आमार नित्यानन्द राय रे काङ्गालेर ठाकुर घरे गह्रे प्रेम-धन याचिया बिलाय रे तरा-इल आन्धल आतुर
अर्थ

मेरे नित्यानन्द राय बड़े ही दयालु हैं, रे! वे दीनों के ठाकुर हैं। घर-घर जाकर वे सबसे विनती करके प्रेम-धन बाँटते हैं, रे! वे दुःखी अंधे जीवों का उद्धार करते हैं।

ढुलिया ढुलिया चले प्रेमार आबेशे रे येन मद मत्त मातोयारा खेने खेने कान्दे अर खेने खेने हासे रे भा-इयऋअ भाबेते ज्ञान-हारा
अर्थ

प्रेम के आवेश में वे झूमते-झूमते चलते हैं, रे! जैसे कोई मदिरा पीकर मतवाला हो गया हो। पल-पल में वे रोते हैं, पल-पल में हँसते हैं, रे! अपने भाई के प्रेम में डूबकर वे सुध-बुध खो बैठते हैं।

कृपा-सिन्धु दीन-बन्धु निता-इ दयाल रे अगतिर गति प्रेम-दाता अनन्त दासेर हिया दिबा-निशि मागे रे निता-इर पाद-पद्म राता
अर्थ

वे करुणा के सागर हैं, दीनों के बन्धु हैं, निताई दयालु हैं, रे! जिनका कोई सहारा नहीं, उनके वे सहारा हैं, वे प्रेम के दाता हैं। अनन्तदास का हृदय रात-दिन निताई के लाल चरण-कमलों से प्रार्थना करता है, रे।