हरे हरे गोबिन्द हरे
हरे! हरे! गोविन्द! हरे! हे कालिय के संहारक! हे कंस के हन्ता! हे देवकी के आनंद! हे राम! हे हरि!
हे मत्स्य! हे कूर्म! हे वराह! हे नृसिंह! हे वामन! हे भृगुसुत (परशुराम)! हे दैत्यकुल के शत्रु! हे बलदेव! हे बुद्ध! हे कल्कि! हे नारायण! हे देव जनार्दन! हे कंस के शत्रु!
हे केशव! हे माधव! हे यादव! हे यदुपति! हे दैत्यों को चीर देने वाले! हे दुःखों को चूर-चूर करने वाले! हे शौरि! हे इस लोक में चन्द्र के समान चमकने वाले! हे गोकुल के चन्द्र! हे गदाधारी! हे गरुड़ध्वज! हे गजेन्द्र के उद्धारक! हे मुरारी!
हे श्री पुरुषोत्तम! हे परमेश्वर! हे प्रभु! हे परब्रह्म! हे परमेष्ठी! हे अघासुर के शत्रु! हे देव, हे देवकी-सुत, दुःखी, व्याकुल, दुर्मति परमानन्द दास पर कृपा करें!