Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

हरि हरि आमार एमन दशा हबे

हरि हरि आमार एमन दशा हबे बिषम दारुण बिष जञ्जाल टुटिबे
अर्थ

हरि! हरि! मैं वह अवस्था प्राप्त करूँगा। इस भयंकर विष का प्रभाव नष्ट हो जाएगा।

दारा सुख-भोगे मु-इ हब बिरकत शरण ल-इब शुक बैष्णब भागबत
अर्थ

मैं गृहस्थ जीवन के सुखों का त्याग करूँगा। मैं शुकदेव के ग्रन्थ भागवत की और वैष्णवों रूपी अनेक भागवतों की शरण लूँगा।

करङ्ग कोथालि हाते गलाय कान्था दिया माधुकुरि मागि खाब ब्रज-बासी हैया
अर्थ

मैं व्रज में निवास करूँगा। गले में गुदड़ी और हाथ में भिक्षा-पात्र लिए, मैं मधुकरी के रूप में भिक्षा माँगूँगा। इस प्रकार मैं भोजन करूँगा।

संसार-सुखेर मुखे अनल ज्वालिया थुथु करिया कबे या-इबे छाडिया
अर्थ

कब मैं अपने मुख में जलती इस सांसारिक भोग की अग्नि को दूर थूक दूँगा?

जाति कुल अभिमान सकल छाडिब गोपालेर आशा कत दिबसे फलिब
अर्थ

मैं अपने कुल, समाज में स्थान, अभिमान और बाकी सब कुछ त्याग दूँगा। आह! कितने दिनों के बाद गोपाल दास की अभिलाषा पूर्ण होगी?

इस भजन के बारे में

पद
5