Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

हे गोविन्द हे गोपाल हे गोविन्द

टेक
हे गोविन्द हे गोपाल हे गोविन्द राखो शरन अब् तो जीवन हारे
अर्थ

हे गौओं के स्वामी गोविन्द! हे गौओं के रक्षक गोपाल! हे गोविन्द! कृपया मेरी रक्षा कीजिए, क्योंकि मैं अपने जीवन का युद्ध हार चुका हूँ।

नीर पीवन हेतु गयो सिन्धु के किनारे सिन्धु बीच बसत ग्राह चरण धरि पछारे
अर्थ

पानी पीने के लिए मैं नदी के किनारे गया। नदी के बीच में एक मगरमच्छ रहता है। उस मगरमच्छ ने अपने तीखे दाँतों से मेरे पैर पकड़ लिए।

चार प्रहर युद्ध भयो लै गयो मञ्झधारे नाक कान डुबन लागे कृष्ण को पुकारे
अर्थ

मैं चार घण्टे तक मगरमच्छ से लड़ता रहा, और वह मुझे नदी के बीच में खींच ले गया। जब मेरी नाक और कान पानी में डूबने लगे, तब मैंने तुरन्त भगवान कृष्ण को सहायता के लिए पुकारा।

द्वारका मेँ शब्द भयो शोर भयो भारे सङ्ख चक्र गदा पद्म गरुड लेयिँ सिधारे
अर्थ

मेरी पुकार और मेरे शब्द द्वारका तक पहुँचे, और इसके फलस्वरूप बड़ी हलचल और शोर मच गया। परन्तु उसी क्षण वे शंख, चक्र, गदा और कमल का फूल लिए अपने वाहन गरुड़ के साथ तुरन्त आ पहुँचे।

सूर कह श्याम सुनो शरण है तिहारे अब् कि बार पार करो नन्द के दुलारे
अर्थ

सूरदास कहते हैं, “हे भगवान श्याम! कृपया मेरा विनम्र निवेदन सुनिए। मैं आपके चरण-कमलों की शरण में हूँ। हे नन्द महाराज के दुलारे, कृपया मेरा उद्धार कीजिए!”

इस भजन के बारे में

रचयिता
सूरदास
पद
5