नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
जय जय श्री जनार्दन हरि
1
टेक
जय जय श्री-जनार्दन हरि
जय राधिका-बल्लभ भुबन-दुर्लभ
कंसासुर-ध्वंस-कारी
अर्थ
जय जय हे प्रभु हरि, हे जनार्दन! जय हो, हे राधा के प्रिय, हे संसार में दुर्लभ धन, हे कंसासुर के हन्ता!
जय गोपी-बिमोहन राधिका-रमण
श्री-बृन्दारण्य-बिहारी
जय जय यदु-पति अगतिर गति
पूतना-बक-अघारी
अर्थ
जय हो, हे गोपियों को मोहित करने वाले, हे राधा के साथ लीला करने वाले, हे वृन्दावन में विचरण करने वाले! जय जय हो, हे यादवों के स्वामी, हे शरणहीनों की शरण, हे पूतना, बक और अघ के शत्रु!
जय पप-बिनाशन दुष्कृत-नाशन
गरुडासन-शोभा-कारी
जय यशोदानन्दन आनन्द-बर्धन
आनन्द-घन-रूप-धारी
अर्थ
जय हो, हे पापों के नाशक, हे दैत्यों के संहारक, हे गरुड़ पर शोभा से बैठने वाले! जय हो, हे यशोदा के आनंद! हे महान आनंद देने वाले, हे आनंदघन-स्वरूप!
जय पप-बिमोचन तप-निरासन
जीबेर त्रि-ताप-हारी
अर्थ
जय हो, हे पापों से मुक्ति देने वाले, हे कष्टों के नाशक, हे जीवों के त्रिविध क्लेश हरने वाले!