नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
जय रे जय रे जय नित्यानन्द राय
जय रे जय रे जय नित्यानन्द राय
पण्डित राघब घरे बिहरे सदाय
अर्थ
जय जय जय भगवान नित्यानंद राय की! वे राघव पंडित के घर में लीलाएँ करते हैं।
पारिषद सकले देखये परतेक
ठाकुर पण्डित से करेन अभिषेक
अर्थ
उपस्थित भक्तों को प्रभु अपने दिव्य ऐश्वर्य के दर्शन कराते हैं। साधु पंडित भगवान नित्यानंद का अभिषेक करते हैं।
नित्यानन्द-रूप येन मदन समान
दीघल नयन भाँअ प्रसन्न बयान
अर्थ
भगवान नित्यानंद का रूप कामदेव के समान तेजस्वी है। उनके नेत्र और भौंहें विशाल हैं। उनका मुख प्रसन्न है।
नाना आभरण अङ्गे झलमल करे
आजानु-लम्बित बाहु अति शोभा धरे
अर्थ
उनके शरीर पर विविध आभूषण चमकते हैं। उनकी भुजाएँ घुटनों तक लंबी हैं। वे सुंदर और तेजोमय हैं।
अरुण किरण जानि दु-खानि चरण
हृदय करिया कहे दास बृन्दाबन
अर्थ
भगवान नित्यानंद के अरुण चरण-तलों को हृदय से लगाकर वृन्दावन दास यह गीत गाते हैं।