Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
कृष्ण कृष्ण कमलेश कृपामय केशि-मथन कंसारि केशब कालिय- दमन करुणामय कालिन्दी-कूल-बिहारी
अर्थ

कृष्ण! कृष्ण! हे कमलों के स्वामी! हे कृपामय! हे केशी के संहारक! हे कंस के शत्रु! हे केशव! हे कालिय को पराजित करने वाले! हे यमुना तट पर लीला करने वाले कृपामय प्रभु!

गोपीनाथ गोप-पति-नन्दन गोबिन्द गिरिबर-धारी गोकुलचन्द्र गोपाल गहन-चर गोपी-गण-मनो-हारी
अर्थ

हे गोपियों के स्वामी! हे गोप-राज के पुत्र! हे गोविन्द! हे गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले! हे गोकुल के चन्द्र! हे गोपाल! हे अगम्य प्रभु! हे गोपियों के हृदय हरने वाले!

घन-तनु सुन्दर घोर-तिमिर-हर घोषत यत घन-श्याम चम्पक गौरी चित-हर चञ्चल चतुर चतुर्-भुज नाम
अर्थ

हे सुंदर प्रभु! हे संसार का घना अंधकार हरने वाले! हे घनश्याम प्रभु! हे चम्पक-वर्ण गोपियों का चित्त चुराने वाले! हे बुद्धिमान, चंचल, नटखट प्रभु! हे 'चतुर्भुज' नाम धारण करने वाले!

चक्रोद्धारी चक्री चानुर-हर चक्र-पाणि चित-चोर श्री-पति श्री-धर श्रीवत्स-लाञ्छन श्री-मुख-चन्द्र-चकोर
अर्थ

हे चक्रोद्धारी! हे चक्रधारी! हे चाणूर के संहारक! हे चक्रपाणि! हे भक्तों का चित्त चुराने वाले! हे लक्ष्मीपति! हे श्रीधर! हे श्रीवत्स-चिह्न धारण करने वाले! हे प्रभु, जिनके मुख-चन्द्र की चाँदनी को चकोर जैसे भक्त पीते हैं!

असार संसारे सार करि मानि हरि-पदे नाहि अभिलाष इह पर जीबन गेल अकारण रोयत गोकुल दास
अर्थ

हाय! मैंने इस जन्म-मृत्यु के संसार की तुच्छ वस्तुओं को अपना महान धन मान लिया। मैंने हरि के चरण प्राप्त करने की लालसा नहीं की। मेरा जीवन बिना किसी शुभ फल के व्यर्थ ही समाप्त हो जाएगा। इसीलिए गोकुल दास रो रहे हैं।