Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

मण्डली रचिया सहचरे

मण्डली रचिया सहचरे तार माझे गोरा नट-बरे
अर्थ

भक्त मण्डल बनाकर खड़े हैं। उनके बीच में गौर हैं, जो सबसे श्रेष्ठ नर्तक हैं।

नाचे बिश्वम्भर सङ्गे गदाधर नाचे नित्यानन्द राय पूरब कौतुक भुञ्जे प्रेम-सुख स्वभाबे बुझिया पाय
अर्थ

गदाधर के साथ विश्वम्भर नाचते हैं। नित्यानन्द राय भी नाचते हैं। भक्त उसी अद्भुत रस का आस्वादन करते हैं, जो उन्होंने प्रभु की पूर्व लीलाओं में चखा था। अब सब अपनी मूल आत्मिक पहचान को स्मरण कर लेते हैं।

इस भजन के बारे में

पद
2