निता इ रङ्गिया मोर निता इ रङ्गिया
रंगीले, शोभामय निताई मेरे स्वामी हैं। शोभामय निताई मेरे स्वामी हैं। वे अपने उन्हीं सखाओं से घिरे हैं, जो उनकी पिछली लीलाओं में भी उनके साथ थे।
उनके कमल-नयनों से आँसुओं की स्वर्ग-गंगा बाढ़ की तरह बहती है। प्रेमोल्लास से अभिभूत होकर उन्हें यह भी ज्ञात नहीं रहता कि दिन है या रात्रि।
उनका शरीर चंदन के लेप से चमकता है। उनके रूप को निहारकर संसार के हृदय आनंद से अभिभूत हो जाते हैं।
बड़े हाथियों की सूँड़ के समान उनकी बाहें घुटनों तक पहुँचती हैं। सोने से जड़े दण्ड से वे पाषण्डियों पर प्रहार करते हैं।
उनके सिर पर एक रंगीन पगड़ी शोभा पाती है। उनकी कमर पर नीले वस्त्र बँधे हैं।
यह सुनकर कि निताई प्रभु संसार के लोगों को अपनी कृपा वितरित कर रहे हैं, प्रसाद दास आनंद से नृत्य करते हैं।