नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
पञ्च तत्त्व महामन्त्र
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अक्षर
100%
गाते समय
(जय) श्री-कृष्ण-चैतन्य प्रभु नित्यानन्द
श्री-अद्वैत गदाधर श्रीवासादि-गौर-भक्त-वृन्द
अर्थ
श्री चैतन्य महाप्रभु के साथ सदैव उनके पूर्ण स्वरूप श्री नित्यानन्द प्रभु, उनके अवतार श्री अद्वैत प्रभु, उनकी अन्तरंगा शक्ति श्री गदाधर प्रभु और उनकी तटस्था शक्ति श्रीवास प्रभु रहते हैं। भगवान् स्वयं इन सबके मध्य विराजमान रहते हैं।
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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।