Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

श्यामर गौर बरण एक देह

श्यामर गौर-बरण एक देह पामर जन इथे करये सन्देह
अर्थ

एक ही देह में श्याम वर्ण और गौर वर्ण दोनों प्रकट हुए हैं। मूर्ख और पापी जन इसे देखकर सन्देह से भर उठे हैं।

सौरभ आगोर मूरति रस-सार पाकल भेल यैछे फल सहकार
अर्थ

वह रूप मधुर सुगन्ध से भरा है। वह पके आम के फलों से युक्त वृक्ष के समान सुगन्धित है।

गोप-जनम पुन द्विज अबतार निगम ना पा-ओ-इ निगूढ बिहार
अर्थ

पूर्व जन्म में वे एक गोप थे, अब वे इस संसार में ब्राह्मण रूप में अवतरित हुए हैं। वेद-शास्त्र भी उनकी गूढ़ लीलाओं को स्पर्श नहीं कर सकते।

प्रकट करल हरि-नाम-बाखान नारी-पुरुख-मुखे ना शुनिये आन
अर्थ

वे खुलकर श्रीकृष्ण के नाम-कीर्तन की महिमा का प्रचार करते हैं। अब संसार के स्त्री-पुरुषों के मुख से केवल यही नाम सुनाई पड़ता है, और कुछ नहीं।

त्रिपुर चरण-कमल-मधु पान सरस सङ्गीत कबि-रञ्जन जान
अर्थ

तीनों लोक अब इस पुरुष के चरण-कमलों के मधु का पान कर रहे हैं। कविरञ्जन यह मधुर गीत गाते हैं।

इस भजन के बारे में

पद
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