Table of Contents

  • 1. अगली एकादशी कब है — सारांश कार्ड
  • 2. आज एकादशी है क्या?
  • 3. इस महीने एकादशी कब है?
  • 4. 2026 एकादशी कैलेंडर
  • 5. महीने के अनुसार एकादशी 2026
    • जनवरी 2026 में एकादशी कब है?
    • फरवरी 2026 में एकादशी कब है?
    • मार्च 2026 में एकादशी कब है?
    • अप्रैल 2026 में एकादशी कब है?
    • मई 2026 में एकादशी कब है?
    • जून 2026 में एकादशी कब है?
    • जुलाई 2026 में एकादशी कब है?
    • अगस्त 2026 में एकादशी कब है?
    • सितंबर 2026 में एकादशी कब है?
    • अक्टूबर 2026 में एकादशी कब है?
    • नवंबर 2026 में एकादशी कब है?
    • दिसंबर 2026 में एकादशी कब है?
  • 6. एकादशी क्या है?
    • श्रील प्रभुपाद के अनुसार एकादशी का वास्तविक उद्देश्य
  • 7. एकादशी व्रत कैसे करें?
    • एकादशी के दिन क्या करें?
  • 8. एकादशी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
    • एकादशी में क्या खाना चाहिए?
    • एकादशी में क्या नहीं खाना चाहिए?
  • 9. पारण कब करना चाहिए?
  • 10. एकादशी व्रत कौन रख सकता है?
  • 11. ISKCON एकादशी और सामान्य एकादशी तिथि में अंतर क्यों हो सकता है?
  • 12. निष्कर्ष
  • 13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
    • अगली एकादशी कब है?
    • अक्टूबर 2026 में एकादशी कब है?
    • 2026 में कुल कितनी एकादशी हैं?
    • आज एकादशी है क्या?
    • एकादशी पर चावल खा सकते हैं?
    • एकादशी में साबूदाना खा सकते हैं?
    • क्या केवल निर्जल व्रत ही मान्य है?
    • एकादशी का पारण कब करें?
    • ISKCON एकादशी और स्मार्त एकादशी में क्या अंतर है?
    • क्या महिलाएँ एकादशी व्रत रख सकती हैं?
    • पारण का समय शहर के अनुसार बदलता है?
  • 14. नंदग्राम धाम से जुड़ें
    • एकादशी के दिन सेवा और दान
  • 15. संबंधित लेख
  • 16. पेज जानकारी और स्रोत

अगली एकादशी कब है, आज एकादशी है या नहीं, और हर महीने एकादशी किस तारीख को पड़ेगी — यहाँ 2026 की सभी 24 ISKCON/वैष्णव एकादशी व्रत तिथियाँ, पारण नियम और व्रत विधि एक ही जगह मिलेगी।

अगली एकादशी कब है — सारांश कार्ड

अगली एकादशी

पाशांकुशा एकादशी

व्रत तिथि
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
पक्ष
शुक्ल पक्ष
शेष समय
10 दिन शेष

पारण समय: व्रत के अगले दिन (शुक्रवार, 23 अक्टूबर), द्वादशी तिथि के निर्धारित समय में करें। सटीक घड़ी-समय अपने शहर के स्थानीय वैष्णव मंदिर या पंचांग से जाँचें।

आज एकादशी है क्या?

सीधा उत्तर

12 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी के अनुसार आज एकादशी नहीं है। अगली एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को पाशांकुशा एकादशी है — यह उत्तर आपकी आज की तारीख (भारतीय समय, Asia/Kolkata) के अनुसार ऊपर के कार्ड में स्वतः अपडेट होता है।


वैष्णव परंपरा में एकादशी की तारीख केवल अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख से नहीं, बल्कि सूर्योदय और तिथि के संबंध से तय होती है। इसलिए ISKCON/वैष्णव एकादशी कभी-कभी सामान्य पंचांग की स्मार्त एकादशी से एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

इस महीने एकादशी कब है?

अक्टूबर 2026 में 6 अक्टूबर (मंगलवार) को इंदिरा एकादशी और 22 अक्टूबर (गुरुवार) को पाशांकुशा एकादशी है।

  • 6 अक्टूबरमंगलवार — इंदिरा एकादशी बीत गई
  • 22 अक्टूबरगुरुवार — पाशांकुशा एकादशी आगामी

2026 एकादशी कैलेंडर

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2026 की सभी 24 ISKCON/वैष्णव एकादशी — व्रत तिथि, दिन, पक्ष और पारण संबंधी टिप्पणी
माह एकादशी नाम व्रत तिथि दिन पक्ष पारण समय / टिप्पणी
जनवरी षटतिला एकादशी 14 जनवरी 2026 बुधवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
जनवरी भैमी एकादशी 29 जनवरी 2026 गुरुवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
फरवरी विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 शुक्रवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
फरवरी आमलकी एकादशी 27 फरवरी 2026 शुक्रवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
मार्च पापमोचनी एकादशी 15 मार्च 2026 रविवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
मार्च कामदा एकादशी 29 मार्च 2026 रविवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अप्रैल वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 सोमवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अप्रैल मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 सोमवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
मई अपरा एकादशी 13 मई 2026 बुधवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
मई पद्मिनी एकादशी 27 मई 2026 बुधवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
जून परमा एकादशी 11 जून 2026 गुरुवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
जून पाण्डव निर्जला एकादशी 25 जून 2026 गुरुवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — विशेष एकादशी; समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
जुलाई योगिनी एकादशी 11 जुलाई 2026 शनिवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
जुलाई शयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 शनिवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अगस्त कामिका एकादशी 9 अगस्त 2026 रविवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अगस्त पवित्रोपना एकादशी 24 अगस्त 2026 सोमवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
सितंबर अन्नदा एकादशी 7 सितंबर 2026 सोमवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
सितंबर पार्श्व एकादशी 22 सितंबर 2026 मंगलवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अक्टूबर इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
अक्टूबर पाशांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करेंअगली
नवंबर रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
नवंबर उत्थान / देवउठनी एकादशी 21 नवंबर 2026 शनिवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — देवउठनी एकादशी; समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
दिसंबर उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026 शुक्रवार कृष्ण पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
दिसंबर मोक्षदा एकादशी 20 दिसंबर 2026 रविवार शुक्ल पक्ष द्वादशी को पारण करें — समय स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें

पारण का सही समय आपके शहर के सूर्योदय के अनुसार बदलता है। कृपया अपने स्थानीय मंदिर या पंचांग से पुष्टि करें। यह सूची ISKCON/वैष्णव व्रत दिवस दर्शाती है — स्थानीय मंदिर के कैलेंडर या घोषणा में अंतर हो तो उसी को प्राथमिकता दें।

महीने के अनुसार एकादशी 2026

आप जिस महीने की एकादशी खोज रहे हैं, उसका सीधा उत्तर नीचे मौजूद है।

जनवरी 2026 में एकादशी कब है?

जनवरी में 14 जनवरी (बुधवार) को षटतिला एकादशी और 29 जनवरी (गुरुवार) को भैमी एकादशी है। दोनों का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में करें; सटीक समय अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर से पुष्टि करें।

फरवरी 2026 में एकादशी कब है?

फरवरी 2026 में 13 फरवरी (शुक्रवार) को विजया एकादशी और 27 फरवरी (शुक्रवार) को आमलकी एकादशी है।

मार्च 2026 में एकादशी कब है?

मार्च में 15 मार्च (रविवार) को पापमोचनी एकादशी और 29 मार्च (रविवार) को कामदा एकादशी है।

अप्रैल 2026 में एकादशी कब है?

अप्रैल 2026 में 13 अप्रैल (सोमवार) को वरुथिनी एकादशी और 27 अप्रैल (सोमवार) को मोहिनी एकादशी है।

मई 2026 में एकादशी कब है?

मई में 13 मई (बुधवार) को अपरा एकादशी और 27 मई (बुधवार) को पद्मिनी एकादशी है।

जून 2026 में एकादशी कब है?

जून 2026 में 11 जून (गुरुवार) को परमा एकादशी और 25 जून (गुरुवार) को पाण्डव निर्जला एकादशी है। निर्जला एकादशी वर्ष की सबसे कठोर मानी जाने वाली एकादशियों में एक है; स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार ही व्रत रखें।

जुलाई 2026 में एकादशी कब है?

जुलाई में 11 जुलाई (शनिवार) को योगिनी एकादशी और 25 जुलाई (शनिवार) को शयनी एकादशी है। शयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होता है।

अगस्त 2026 में एकादशी कब है?

अगस्त 2026 में 9 अगस्त (रविवार) को कामिका एकादशी और 24 अगस्त (सोमवार) को पवित्रोपना एकादशी है। दोनों व्रत चातुर्मास की अवधि में आते हैं।

सितंबर 2026 में एकादशी कब है?

सितंबर में 7 सितंबर (सोमवार) को अन्नदा एकादशी और 22 सितंबर (मंगलवार) को पार्श्व एकादशी है।

अक्टूबर 2026 में एकादशी कब है?

अक्टूबर 2026 में 6 अक्टूबर (मंगलवार) को इंदिरा एकादशी और 22 अक्टूबर (गुरुवार) को पाशांकुशा एकादशी है।

नवंबर 2026 में एकादशी कब है?

नवंबर में 5 नवंबर (गुरुवार) को रमा एकादशी और 21 नवंबर (शनिवार) को उत्थान/देवउठनी एकादशी है। देवउठनी एकादशी से चातुर्मास संपन्न होता है।

दिसंबर 2026 में एकादशी कब है?

दिसंबर 2026 में 4 दिसंबर (शुक्रवार) को उत्पन्ना एकादशी और 20 दिसंबर (रविवार) को मोक्षदा एकादशी है। मोक्षदा एकादशी को गीता जयंती से भी जोड़ा जाता है।

2026 एकादशी कैलेंडर चार्ट: हर महीने की दोनों एकादशी की तारीख और दिन

एकादशी क्या है?

एकादशी चंद्र पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है। प्रत्येक चंद्र मास में एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष की एकादशी आती है — यानी सामान्यतः महीने में दो एकादशियाँ। वैष्णव के लिए यह केवल भोजन छोड़ने का दिन नहीं, बल्कि शरीर की माँग कम करके भगवान श्रीकृष्ण के स्मरण, नाम-जप, श्रवण और सेवा को बढ़ाने का अवसर है।

श्रील प्रभुपाद के अनुसार एकादशी का वास्तविक उद्देश्य

श्रील प्रभुपाद ने The Nectar of Devotion के अध्याय 7 (एकादशी व्रत पर) में समझाया है कि एकादशी का मूल सिद्धांत केवल उपवास करना नहीं है। इसका उद्देश्य गोविंद के प्रति श्रद्धा और प्रेम बढ़ाना, शरीर की माँग कम करना और बचा हुआ समय जप तथा भगवान की सेवा में लगाना है। उपवास के दिन गोविंद की लीलाओं का स्मरण और उनके पवित्र नाम का निरंतर श्रवण सर्वोत्तम है।

एकादशी का केंद्र "मैं क्या नहीं खाऊँ?" से आगे बढ़कर "आज मैं कृष्ण का स्मरण और सेवा कैसे बढ़ाऊँ?" होना चाहिए।

एकादशी व्रत कैसे करें?

सीधा उत्तर

एकादशी व्रत में अनाज, दालें और बीन्स पूरी तरह छोड़े जाते हैं; अपनी क्षमता अनुसार निर्जल, जल, फलाहार या सरल अनाज-रहित प्रसाद लिया जा सकता है। साथ में नाम-जप, शास्त्र-श्रवण और सेवा बढ़ाई जाती है, और अगले दिन द्वादशी के निर्धारित समय में पारण किया जाता है।


  1. व्रत से एक दिन पहले संयम रखें और अगले दिन के पारण-समय की जानकारी पहले से नोट कर लें।
  2. एकादशी के दिन सभी प्रकार के अनाज, दालें और बीन्स न लें। श्री चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला 15.9–10 में एकादशी पर अन्न न ग्रहण करने का स्पष्ट निर्देश है।
  3. अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार निर्जल, जल, फलाहार या सरल अनाज-रहित प्रसाद लें। व्रत को दिखावा या शरीर को हानि पहुँचाने का साधन न बनाएँ।
  4. हरे कृष्ण महामंत्र का जप, श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का श्रवण-पठन, कीर्तन और सेवा सामान्य दिनों से बढ़ाएँ।
  5. द्वादशी के निर्धारित समय में पारण करें — पारण केवल भोजन करना नहीं, व्रत का शास्त्रीय समापन है।

एकादशी के दिन क्या करें?

  • सुबह स्नान के बाद भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • हरे कृष्ण महामंत्र का जप बढ़ाएँ: हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥
  • श्रीमद्भागवतम्, भगवद्गीता यथारूप, श्री चैतन्य-चरितामृत या श्रील प्रभुपाद की अन्य पुस्तकों का पठन/श्रवण करें।
  • कीर्तन, मंदिर-दर्शन, वैष्णव सेवा, प्रसाद-सेवा या कृष्ण-कथा में समय दें।
  • रात को भी यथाशक्ति कृष्ण-स्मरण बनाए रखें और अगले दिन समय पर पारण करें।

एकादशी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

एकादशी में क्या खाना चाहिए?

सीधा उत्तर

एकादशी पर फल, स्वीकृत कंद-मूल, दूध व अनुमत दुग्ध-पदार्थ, और सामग्री जाँचकर साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े से बना प्रसाद लिया जा सकता है। मसाले में सेंधा नमक और मंदिर-परंपरा में स्वीकृत मसाले ही उपयोग करें।


एकादशी में क्या नहीं खाना चाहिए?

सीधा उत्तर

चावल, गेहूँ, मक्का, बाजरा और अन्य सभी अनाज; दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और सभी प्रकार की बीन्स; तथा अनाज या दाल से बनी सूजी, बिस्कुट और नमकीन एकादशी पर नहीं ली जातीं।


सामान्यतः लिया जा सकता है

  • फल और स्वीकृत कंद-मूल
  • दूध और अनुमत दुग्ध-पदार्थ
  • साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा आदि — सामग्री जाँचकर
  • सेंधा नमक और मंदिर-परंपरा में स्वीकृत मसाले

नहीं लेना चाहिए

  • गेहूँ, चावल, मक्का, बाजरा और अन्य अनाज
  • दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और बीन्स
  • अनाज या दाल से बने आटा, सूजी, बिस्कुट, नमकीन
  • ऐसा पैकेट-बंद खाद्य जिसमें निषिद्ध अनाज या दाल मिली हो

रसोई और सामग्री में क्षेत्रीय भिन्नता हो सकती है। संदेह होने पर अपने निकटतम ISKCON मंदिर या विश्वसनीय वैष्णव मार्गदर्शक से पूछें। भगवान को नियमित भोग अर्पित किया जा सकता है; भक्त एकादशी के दिन अनाजयुक्त प्रसाद ग्रहण नहीं करते।

पारण कब करना चाहिए?

सीधा उत्तर

पारण अगली द्वादशी तिथि के निर्धारित समय में किया जाता है, व्रत के भोजन-त्याग को उसी दिन तोड़ते हुए। सटीक घड़ी-समय सूर्योदय और स्थान पर निर्भर करता है, इसलिए अपने शहर के स्थानीय वैष्णव मंदिर या पंचांग से पुष्टि करें।


एकादशी व्रत का द्वादशी के निर्धारित समय में समापन "पारण" कहलाता है। श्रीमद्भागवतम् 9.4.39–40 में महाराज अम्बरीष द्वादशी की समय-सीमा का सम्मान करने के लिए जल ग्रहण करके व्रत समाप्त करने पर विचार करते हैं। इससे समझ आता है कि व्रत जितना महत्वपूर्ण है, उसका उचित समय पर पारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

श्रीमद्भागवतम् 10.28.1 में नंद महाराज का उदाहरण आता है — उन्होंने एकादशी को उपवास करके भगवान जनार्दन की पूजा की और द्वादशी पर व्रत पूर्ण करने की तैयारी की। इसीलिए ऊपर की वार्षिक तालिका और मासिक सूची में हर व्रत के आगे पारण की दिशा दर्शाई गई है; निश्चित घड़ी-समय आपके निकटतम मंदिर या पंचांग ऐप से मिल सकता है।

एकादशी व्रत कौन रख सकता है?

श्री चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला 15.10 में माता शची ने कहा कि वे एकादशी पर अन्न नहीं लेंगी। श्रील प्रभुपाद के तात्पर्य से स्पष्ट है कि एकादशी का पालन केवल विधवा महिलाओं तक सीमित नहीं है; गृहस्थ महिलाएँ भी इसे करती हैं। वैष्णव परंपरा में सभी भक्त अपनी स्थिति और क्षमता के अनुसार इस दिन अनाज से बचकर भक्ति बढ़ा सकते हैं।

गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, वृद्ध, मधुमेह या अन्य चिकित्सकीय स्थिति वाले व्यक्ति कठोर उपवास का निर्णय अपने डॉक्टर और आध्यात्मिक मार्गदर्शक की सलाह से लें। भक्ति का उद्देश्य शरीर को अनावश्यक हानि पहुँचाना नहीं है।

ISKCON एकादशी और सामान्य एकादशी तिथि में अंतर क्यों हो सकता है?

सीधा उत्तर

एकादशी की गणना केवल अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख देखकर नहीं होती। तिथि का सूर्योदय से संबंध, दशमी-विद्धा स्थिति, महाद्वादशी और वैष्णव पारण नियम देखे जाते हैं — इसी कारण किसी शहर में स्मार्त व्रत और ISKCON/वैष्णव व्रत अलग दिन हो सकते हैं।


यह लेख ISKCON/वैष्णव कैलेंडर को प्राथमिकता देता है। यदि आपके शहर का सामान्य पंचांग किसी एकादशी की तारीख एक दिन आगे या पीछे दिखाता है, तो घबराएँ नहीं — यह अंतर सामान्य है और गणना-पद्धति के कारण है।

निष्कर्ष

यदि आपका प्रश्न "एकादशी कब है?" है, तो इस पेज को बुकमार्क करें — यहाँ 2026 की सभी ISKCON एकादशी तिथियाँ, हर महीने की दोनों तिथियाँ और पारण की दिशा एक ही जगह मिलेंगी। एकादशी को केवल कैलेंडर-रिमाइंडर न बनने दें; श्रील प्रभुपाद की शिक्षा के अनुसार इस दिन शरीर की माँग कम करके हरे कृष्ण महामंत्र, कृष्ण-कथा और सेवा को बढ़ाएँ — यही उपवास को भक्ति में बदलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

12 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी के अनुसार अगली ISKCON एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को पाशांकुशा एकादशी है। यह उत्तर आपकी आज की तारीख के अनुसार स्वतः बदलता है।

नंदग्राम धाम से जुड़ें

नंदग्राम धाम, कोटा (राजस्थान) में एकादशी, जन्माष्टमी और अन्य वैष्णव उत्सवों पर कीर्तन, कथा और प्रसाद-सेवा का आयोजन होता है। एकादशी के दिन दर्शन, सेवा या ऑनलाइन सत्संग से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें।

पेज जानकारी और स्रोत

स्रोत एवं पद्धति नोट: व्रत तिथियाँ ISKCON/Gauḍīya Vaiṣṇava calendar की तिथि-गणना (सूर्योदय व तिथि-संबंध) पर आधारित हैं। आध्यात्मिक व्याख्या केवल श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों — The Nectar of Devotion, Śrīmad-Bhāgavatam और Śrī Caitanya-caritāmṛta — से ली गई है। पारण का घड़ी-समय स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए यहाँ नहीं दिया गया है; कृपया अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर से पुष्टि करें।