Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

भाग्यबान् शची जगन्नाथ

भाग्यबान् शची जगन्नाथ पुत्र-रूपे पा-इल जगन्नाथ
अर्थ

भाग्यवान जगन्नाथ मिश्र और शचीदेवी ने स्वयं भगवान जगन्नाथ को अपने पुत्र के रूप में पाया।

फाल्गुने ग्रासिल राहु-चान्द शची-कोले शोभे नब-चान्द
अर्थ

फाल्गुन मास में जब राहु ने चन्द्रमा को ग्रस लिया, तब शची की गोद में एक नन्हा चन्द्रमा बड़ी शोभा के साथ चमक उठा।

लभि मिश्र योगाराध्य-धन दीन-जने दिल कत धन
अर्थ

तब जगन्नाथ मिश्र ने गरीबों को कितना धन दान में दिया, योग और आराधना का धन?

जन्म-गृह दीप्त बिना दीपे महानन्द आजि नबद्वीपे
अर्थ

दीपक न होने पर भी प्रसूति-कक्ष प्रकाश से भर गया। उस क्षण नवद्वीप महान आनन्द से भर उठा।

एकत्र मिलित सुर-नर नाचे गाय गन्धर्ब किन्नर
अर्थ

देवता और मनुष्य उस स्थान पर एकत्र हुए। गन्धर्वों और किन्नरों ने गाया और नृत्य किया।

आ-इला प्रभु ह-इते भू-भार अतुलन आनन्द सभार
अर्थ

पृथ्वी का भार हरने के लिए स्वयं परम पुरुषोत्तम भगवान पधारे थे। अब सब लोग अनुपम आनन्द से भर गए।

गोरा-प्रेम ह-इया उदास से आनन्दे भासे प्रेम-दास
अर्थ

संसार की वस्तुओं से मुँह मोड़कर अब सब भगवान गौर के प्रेम से भर गए हैं। प्रेम दास अब आनन्द में तैर रहे हैं।

इस भजन के बारे में

रचयिता
प्रेम दास
पद
7