Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

बिश्वम्भर मूर्ति येन मदन समान

Read in English

दिखाएँ
टेक्स्ट
बिश्वम्भर-मूर्ति येन मदन-समान दिब्य गन्ध-माल्य दिब्य बास परिधान
अर्थ

विश्वंभर का रूप कामदेव के समान भव्य है। उनकी सुगंधित फूल-माला भव्य है। उनके वस्त्र भव्य हैं।

कि छार कनक-ज्योति से देहेर आगे से बदन देखिते चान्देर साध लागे
अर्थ

उनके शरीर की कांति के सामने स्वर्ण की चमक भी राख के ढेर के समान तुच्छ है। चंद्रमा भी उनके मुख को देखने में लज्जित हो जाता है।

से दन्त देखिते कोथा मुकुतार दाम से केश-बन्धन देखि ना रहे गेयान
अर्थ

उनके दाँतों को देखकर मोतियों की माला कहाँ टिकती है? उनके बँधे हुए केश देखकर किसी की सुध-बुध नहीं रहती।

देखिते आयत दु-इ अरुण नयन आर कि कमल आछे हेन हय ज्ञान
अर्थ

उनके लाल नेत्रों को देखकर कमल के फूल भी अपनी सुधि कैसे बनाए रख सकते हैं?

से आजानु भुज दुइ हृदय सु-पीन तँहि शोभे शुभ्र यज्ञ-सूत्र अति क्षीण
अर्थ

उनकी दोनों भुजाएं घुटनों तक पहुंचती हैं। उनका वक्षस्थल विशाल है। उनका अत्यंत पतला यज्ञोपवीत भव्य शोभा पाता है।

ललाटे बिचित्र ऊर्ध्व तिलक सुन्दर अबरण बिने सर्ब अङ्ग मनोहर
अर्थ

उनके मस्तक पर अद्भुत सुंदर वैष्णव तिलक शोभायमान हैं। आभूषणों के बिना भी उनके सुंदर अंग सबका हृदय मोह लेते हैं।

किब हय कोटि मणि से नख चाहिते से हास देखिते किबा करये अमृते
अर्थ

करोड़ों रत्न उनके हाथ-पैरों के नाखूनों को निहारते रहते हैं। साक्षात अमृत भी उनकी मुस्कान को निहारता रहता है।

श्री कृष्ण-चैतन्य नित्यानन्दचान्द जान वृन्दावन दास तछु पद-युगे गान
अर्थ

इस प्रकार वृन्दावन दास श्री कृष्ण चैतन्य और श्री नित्यानन्दचंद्र की महिमा का गान करते हैं।