Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

जय जय श्री कृष्ण चैतन्य दया सिन्धु

जय जय श्री-कृष्ण-चैतन्य दया-सिन्धु पतित उद्धार हेतु जय दीन-बन्धु
अर्थ

श्री कृष्ण चैतन्य की जय हो, जय हो, जो दया के सागर हैं! दीनों के मित्र की जय हो! पतितों के उद्धारकर्ता की जय हो!

जय प्रेम-भक्ति-दाता दया कर मोरे दन्ते तृण करि डाके ए दास पामरे
अर्थ

प्रेम-भक्ति का दान देने वाले प्रभु की जय हो! हे प्रभु, मुझ पर दया कीजिए। दाँतों के बीच तिनका दबाकर यह तुच्छ सेवक आपको पुकार रहा है।

पूर्बेते साक्षात यत पातकी तारिला से बिचित्र नहे याते अबतार कैला
अर्थ

प्राचीन काल में आपने स्वयं अनेक पापियों का उद्धार किया। इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं, क्योंकि इसीलिए आप इस भौतिक जगत् में अवतरित होते हैं।

मो हेन पापिष्ठ एबे करह उद्धार आश्चर्य दयाल गुण घुषुक संसार
अर्थ

अब मुझ जैसे पापियों का उद्धार कीजिए। सारे लोक आपकी अद्भुत दया का गुणगान करते हैं।

बिचार करिते मुञि नहे दया-पात्र आपना स्व-भाब गुणे करह कृतार्थ
अर्थ

यदि आप समझते हैं कि मैं आपकी दया पाने के योग्य नहीं हूँ, तो कृपा करके मुझे योग्य बना दीजिए।

बिशेष प्रतिज्णा शुनि ए-इ कलि-युगे ए-इ भरसाय राधामोहन पापी मागे
अर्थ

कलियुग में आपकी दया की प्रतिज्ञा के बारे में सुनकर पापी राधामोहन आपकी शरण लेने की याचना करता है।

इस भजन के बारे में

रचयिता
राधामोहन
पद
6