नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
पश्य शची सुतम् अनुप रूपम्
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गाते समय
पश्य शची-सुतम् अनुप-रूपम्
खण्डितामृत-रस-निरुपम-कूपम्
अर्थ
शची के पुत्र को देखिए, जिनका सौन्दर्य अनुपम है, ऐसा सौन्दर्य जो अनुपम अमृत के कुएँ को भी टुकड़े-टुकड़े कर देता है।
कृष्ण-रग-कृत-मानस-तापम्
लीला-प्रकटित-रुद्र-प्रतापम्
अर्थ
उनका हृदय भगवान कृष्ण के प्रति उत्कट प्रेम से जल रहा है। वे राजा प्रतापरुद्र के साथ लीलाएँ करते हैं।
प्रकटितं पुरुषोत्तम-सविषादम्
कमला-कर-कमलाञ्छित-पदम्
अर्थ
वे परम पुरुषोत्तम भगवान के विरह की भावनाओं से भर गए हैं। सौभाग्य की देवी अपने कर-कमलों से उनके चरण-कमलों की पूजा करती हैं।
रोहित-वदन-तिरोहित-भाषं
राधा-मोहन-कृत-चरणाशम्
अर्थ
आध्यात्मिक प्रेम के आनन्द से अभिभूत होकर वे कुछ बोल नहीं पाते। राधामोहन उनके चरणों को पाने की लालसा रखता है।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- राधामोहन
- पद
- 4