Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
1 टेक
कबे प्रभु अनुग्रह हबे बिषय-बासना-पाश कबे मोह हबे नाश कबे आमि बृन्दाबने याब
अर्थ

कब प्रभु मुझ पर कृपा करेंगे? कब मेरे गले की सांसारिक वासनाओं का फंदा कटेगा? कब मैं वृन्दावन जाऊँगा?

ए संसारे दुःख-फल से आनन्द महा-बल जानिया या-इब से-इ स्थान सब दुःख पला-इबे गडागडि दिब यबे रास-स्थली यमुना-पुलिने
अर्थ

इस संसार का फल केवल दुःख है। मैं उस स्थान पर जाऊँगा जहाँ मैं जानता हूँ कि केवल गहन आनन्द है। तब सारे सांसारिक दुःख दूर भाग जाएँगे। मैं यमुना के तट पर रास-स्थली में जाऊँगा। वहाँ मैं भूमि पर लोटूँगा।

कृष्ण-मूर्ति गोबर्धन महा-भाग्ये दरशन मोर किये हबे हेन कर्म कृष्णेर राधिका यैछे श्री कुण्ड ताहार तैछे काय मने कबे हबे मर्म
अर्थ

यदि मैं भाग्यशाली हुआ तो गोवर्धन पर्वत पर कृष्ण की मूर्ति के दर्शन करूँगा। क्या मैं ऐसा कर सकूँगा? कब मेरा तन, मन और हृदय राधा-कुण्ड और श्याम-कुण्ड की ओर दौड़ेगा?

कुण्ड-युगे स्नान करि से-इ स्थाने यदि मरि तबे बुझि मोर हबे गति तुमि प्रभु दयामय ए राधा-मोहन कय सिद्ध कर ए-इ त काकुति
अर्थ

मैं जानता हूँ कि यदि मैं उन दोनों कुण्डों में स्नान करूँ और वहीं प्राण त्यागूँ, तो मुझे कौन सी गति मिलेगी। राधामोहन दास कहते हैं, हे प्रभु, आप बड़े दयालु हैं। कृपया मेरी यह कामना पूरी करें। गद्गद स्वर में मैं आपसे यही विनती करता हूँ।