Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
नाचये अद्वैत प्रेम-राशि गोरा-गुण-रबे ना जाने दिबा-निशि
अर्थ

प्रेम से भरकर अद्वैत प्रभु नाचते हैं। भगवान गौर की महिमा के कीर्तन में मग्न होकर उन्हें दिन-रात का भी भान नहीं रहता।

गोरा गोरा बलिते कि सुखे बिहरे मागये कत लख लख मुख
अर्थ

'गौर! गौर!' कहते हुए उन्हें कितना सुख मिलता है? भगवान गौर की महिमा का ठीक से गान करने के लिए वे कितने ही लाखों मुखों की कामना करते हैं?

गोरा बलि मारे मालसाट भये काम्पे बलि पला-इते नाहि बाट
अर्थ

वे अपनी छाती पीटते हुए 'गौर!' का जाप करते हैं। बचने का कोई मार्ग न पाकर कलियुग भय से कांप उठता है।

गोरा नामे कि भाब हियाय पुलक-बलित तनु सघन दोलाय
अर्थ

भगवान गौर के नाम का जाप करते हुए अद्वैत प्रभु के हृदय में कौन-सी उमंग भर जाती है? उनके शरीर के रोम पुलकित हो उठते हैं। वे इधर-उधर झूमते हैं।

परिकर से ना रसे माति गाय गोराचान्देर चरित कत भाति
अर्थ

क्या उनके साथी भी प्रेम के अमृत का स्वाद पाकर उन्मत्त नहीं हो गए हैं? वे भगवान गौरचन्द्र की कितनी ही लीलाओं का गुणगान करते हैं?

किबा खोल करताल ध्वनि कुलेर बौधारि कान्दे से शबद शुनि
अर्थ

खोल और करताल की ध्वनि सुनकर स्त्रियाँ भी उमंग से रो पड़ती हैं।

भुबन भरिल ओना यश दीन-हीन पतित पामर प्रेमे भासे
अर्थ

अद्वैत प्रभु की महिमा से सभी लोक भर जाते हैं। अब दीन, पतित, मूर्ख और पापी सभी प्रेम के अमृत में तैरते हैं।

नरहरि जीबन कि सुख हेन दयामय पहुं चरणे बिमुख
अर्थ

दयामय अद्वैत प्रभु के चरणों से कोई कैसे विमुख हो सकता है, वे अद्वैत प्रभु जो नरहरि दास के प्राण हैं?