Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
निता-इ मोर जीबन धन निता-इ मोर गति निता-इ बिहने मोर आर नाहि गति
अर्थ

निताई मेरे जीवन का धन हैं, निताई ही मेरी सर्वोच्च गति हैं। निताई के बिना मेरी और कोई गति नहीं है।

असार संसार-सुखे दिया मेने छा-इ नगरे मागिया खाब गाहब निता-इ
अर्थ

इस संसार के निस्सार सुखों को मैं राख के ढेर के समान तुच्छ मानता हूं। नगर में भीख मांगकर जो मिलेगा वही खा लूंगा, पर निताई का सदा गुणगान करता रहूंगा।

ये देख निता-इ ना-इ से देशे ना याब निता-इ-बिमुख जनार मुख ना देखिब
अर्थ

जिस देश में निताई नहीं दिखेंगे, वहां मैं नहीं रहूंगा। निताई से विमुख रहने वाले लोगों का मुख भी मैं नहीं देखूंगा।

गङ्गा यार पद-जल हर शिरे धरे हेन निता-इ ना भजिया दुःख पाञ मरे
अर्थ

जो गंगाजल शिव अपने सिर पर धारण करते हैं, वह निताई के चरणों को धोकर आया हुआ जल है। जो निताई की भक्ति नहीं करता, वह दुःख पाकर मरता है।

लोचन बले आमार निता-इ प्रेमेर कल्प-तरु काङ्गालेर ठाकुर निता-इ जगतेर गुरु
अर्थ

लोचनदास कहते हैं, मेरे निताई प्रेम के कल्पतरु हैं। निताई दीनों के ठाकुर हैं, वे सारे जगत के गुरु हैं।