Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

ओरे, वृन्दावनेर् नन्द दुलाल्

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ओरे, वृन्दावनेर् नन्द दुलाल् राखाल् राजा रे राखालियार् शुरे शुरे वंशी बाजा रे (ओरे, वृन्दावनेर्)
अर्थ

हे वृन्दावन के प्यारे! हे नन्द के दुलारे! हे ग्वालबालों के राजा! अपनी बाँसुरी पर फिर से वे तानें बजाओ, जो तुम्हारे सब सखाओं को बहुत प्यारी हैं।

ओरे, गोपाल् तोर् बिहोने फुते ना फुल् वृन्दावने अभिसारेर् एइ मधुवन् एम्नि साजा रे
अर्थ

हे गोपाल! तुमसे बिछुड़कर वृन्दावन के फूल खिलने की इच्छा ही खो बैठे हैं। फिर भी हम इस मधुवन को इसी प्रकार सजाकर रखते हैं, इस आशा में कि तुम अपने प्रेम-मिलन के लिये लौट आओगे।

श्रीदाम् सुदाम् भाइ बलराम् डाक्छे आइ कानाइ छोराइ धेनु बाजाइ वेणु आइ रे ओ भाइ आइ
अर्थ

श्रीदाम, सुदामा और तुम्हारे भाई बलराम तुम्हें पुकार रहे हैं, 'हे कन्हाई! लौट आओ!' बछड़ों को चराते और अपनी बाँसुरी बजाते हुए वे विनती करते हैं, 'हे भाई! घर लौट आओ!'

मा यशोदा डाक्छे तोरे (गोपाल् रे, प्राणेर् गोपाल् रे) ननी छुरा आइ ना, ओरे बोय्छे राधार् प्रेम जमुना हृदोय् माजा रे
अर्थ

माता यशोदा तुम्हें पुकार रही हैं, 'हे गोपाल! तुम मेरे प्राण हो! हे माखनचोर, घर लौट आओ!' श्री राधा के हृदय में तुम्हारे प्रति दिव्य प्रेम यमुना नदी की भाँति निरन्तर बहता रहता है।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।