Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
दिखाएँ
टेक्स्ट
प्रेमे मातोयारा निता-इ नागर अतुलित प्रेम दयार सागर
अर्थ

निताई प्रभु प्रेम में मतवाले हैं। वे दया के अतुलनीय सागर हैं।

प्रेम-भरे अन्तर गर गर ना जानेन पहुं के आपन पर
अर्थ

कौन उनका अपना है और कौन पराया, यह निताई प्रभु नहीं जानते, क्योंकि उनका हृदय प्रेम से अभिभूत है।

हेन दया कोथा ए धरणी पर देय प्रेम देब-बिधि अगोचर
अर्थ

इस धरती पर उनके समान दया और कहाँ है? वे प्रेम का दान देते हैं, ऐसा प्रेम जो वेदों के नियमों से परे है।

पातकी उद्धार कार्य निरन्तर पतितेर दुखे नेत्र झर झर
अर्थ

वे सदा पापियों का उद्धार करने का प्रयास करते हैं। गिरे हुए जीवों के दुख से करुणा से भरकर वे रोते हैं, उनके नेत्रों से अश्रु बहते हैं।

याचि प्रेम देय सबे अकातर अफुरन्त येन भाण्डार सुन्दर
अर्थ

वे सबसे विनती करते हैं कि उनका दिया प्रेम का दान स्वीकार करें, ऐसा दान जो सदा के लिए सब दुखों से छुड़ा देता है। वे सारे महिमामय सौंदर्य के धाम हैं।

कानु दास कहे जुडि दु-इ कर पदे दिह स्थान ए दीन किङ्कार
अर्थ

हाथ जोड़कर कानू दास कहते हैं, हे प्रभु, अपने चरणों में इस दीन सेवक को कहीं थोड़ा स्थान दे दो।