Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

शचीर दुलाल मनो रङ्गे

शचीर दुलाल मनो-रङ्गे खेले सम-बय शिशु-सङ्गे
अर्थ

मन में आनन्द भरे हुए शची के नन्हे पुत्र दूसरे बालकों के साथ खेलते हैं।

माझे गोरा शिशु चारि पाशे नाचे आर मृदु हासे हासे
अर्थ

चारों ओर दूसरे बालकों से घिरे हुए बालक गौर नृत्य करते हैं। वे धीरे-धीरे, मन्द-मन्द हँसते हैं।

हाते हाते करे धराधरि ताले ताले नाचे घुरि घुरि
अर्थ

हाथ में हाथ पकड़कर बालक गीत की ताल पर नाचते हैं।

क्षणे घन देय करतालि क्षणे केह कहे भालि भालि
अर्थ

एक क्षण तालियाँ बजती हैं। अगले ही क्षण “वाह! वाह!” की पुकारें उठती हैं।

गोरा यबे बले हरि हरि शिशु-गन बले सङ्गे हरि
अर्थ

बालक गौर गाते हैं, “हरि! हरि!” दूसरे बालक भी गाते हैं, “हरि!”

घन घन हरि-बोल शुनि काम्पे कलि परमाद गुनि
अर्थ

बालकों को “हरिबोल!” गाते सुनकर कलियुग काँप उठता है। वह जान लेता है कि उस पर विपत्ति आने वाली है।

मुरारि आनन्दे भर-पूर पापेर राजत्व हैल दूर
अर्थ

मुरारि आनन्द से भर उठे हैं। अब पापों का राजा दूर भाग जाता है।

इस भजन के बारे में

रचयिता
मुरारि
पद
7