Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

सखे कलय गौरम् उदारम्

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सखे कलय गौरम् उदारम्
अर्थ

मेरे मित्र! वे परम उदार श्री गौरांग महाप्रभु इस कलियुग का अन्धकार दूर करने के लिए उगते हुए सूर्य के रूप में प्रकट हुए हैं।

निन्दित हाटक कान्ति कलेवर गर्वित मारक मारम् मधुकर रञ्जित मालती मण्डित जित-घन कुञ्चित केशम्
अर्थ

उनकी चमकती सुनहरी कान्ति सोने की उज्ज्वल आभा को भी लज्जित करती है, और उनकी सुन्दरता कामदेव का अभिमान चूर कर देती है। उनके घुँघराले काले केश मालती के फूलों की माला से सजे हैं, और भौंरे उन फूलों के चारों ओर उड़ते हैं।

तिलक विनिन्दित शशधर रुपक भुवन मनोहर वेशम् मधु मधुरस्मित लोभित तनुभृत अनुपम भाव विलासम्
अर्थ

उनका चन्द्रमा जैसा सुन्दर मुख तिलक से सुशोभित है, और उनका वेश सारे संसार को मोह लेता है। उनकी मधुर मुस्कान सब देहधारी जीवों में भगवान के प्रति प्रेम का लोभ जगाकर उन्हें भौतिक जीवन के दलदल से बचा लेती है। वे भावावेश के अनोखे लक्षण प्रकट करते हैं।

निखिल निज जन मोहित मानस विकथित गद गद भाषम् परमा किञ्चन किञ्चन नरगण करुणा वितरण शीलम् क्षोभित-दुर्मति-राधा-मोहन नामक-निरुपम-लीलम्
अर्थ

वे अपने प्रिय जनों के मन को मोह लेते हैं और लड़खड़ाती वाणी में बोलते हैं। इस संसार की निर्धन आत्माओं को सबसे बड़ा धन देने के लिए उन्होंने संन्यास का जीवन स्वीकार किया और सब पर अपनी कृपा बाँटी। उनकी अनुपम लीलाओं ने राधामोहन नाम के इस मन्द-बुद्धि को भी व्याकुल कर दिया है।

इस भजन के बारे में

पद
4

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।