Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

वन्दे विश्वम्भर पद कमलम्

वन्दे विश्वम्भर-पद-कमलम् खण्डित-कलियुग-जन-मल-समलम्
अर्थ

मैं उन विश्वम्भर के चरण-कमलों की वन्दना करता हूँ, जो कलियुग के प्रभाव में आए लोगों की दोषपूर्ण चेतना को काट डालते हैं।

सौरभ-कर्षित निज-जन-मधुपम् करुणा खण्डित-विरह-वितापम्
अर्थ

अपने परम मधुर तत्त्वज्ञान, नाम, गुण आदि की सुगन्ध से महाप्रभु अपने भौंरे जैसे अनुयायियों को अपनी ओर खींच लेते हैं। अपनी अहैतुकी कृपा से वे अपने प्रिय साथियों (जैसे अद्वैत आचार्य) के विरह की पीड़ा दूर करते हैं।

नाशित-हृद्-गत-माया-तिमिरम् वर-निज-कान्त्या जगताम् अचिरम्
अर्थ

इस संसार के जीवों के हृदय बहुत समय से माया के कारण अज्ञान से पीड़ित हैं। वे अपनी उज्ज्वल कान्ति से उस अज्ञान को तुरन्त नष्ट कर देते हैं।

सतत-विराजित-निरुपम-शोभम् राधा-मोहन कल्पित विलोभम्
अर्थ

जिनका अतुलनीय तेज सदा चारों ओर फैलता रहता है, उन महाप्रभु के प्रति अत्यन्त आकृष्ट होकर राधामोहन सबके सामने उनकी महिमा का प्रचार कर रहे हैं।

इस भजन के बारे में

पद
4

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।