Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

नारद मुनि, बाजाय् वीणा

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नारद मुनि, बाजाय् वीणा 'राधिका-रमण'-नामे नाम अमनि, उदित हय, भकत-गीता-सामे
अर्थ

जब महात्मा नारद मुनि अपनी वीणा बजाते हैं, तब राधिका-रमण नाम स्वयं प्रकट होकर भक्तों के कीर्तन के बीच उपस्थित हो जाता है।

अमिय-धारा, बरिषे घन, श्रवण-युगले गिया भकत जन, सघने नाचे, भोरिया आपन हिया
अर्थ

वह पवित्र नाम मेघ के समान भक्तों के कानों में अमृत की धारा बरसाता है। इस दिव्य आनंद से सभी भक्त हृदय भरकर उत्साहपूर्वक नाचने लगते हैं।

माधुरी-पूर, आसव पशि', माताय जगत-जने केहो वा कान्दे, केहो वा नाचे, केहो माते मने मने
अर्थ

इस मधुर आसव की धारा में डूबकर सारे संसार के जीव उन्मत्त हो जाते हैं। कोई रोता है, कोई नाचता है और कोई अपने ही मन में मग्न हो जाता है।

पञ्च-वदन, नारदे धोरि', प्रेमेर सघन रोल् कमलासन, नाचिया बोले, 'बोलो बोलो हरि बोलो'
अर्थ

पंचमुख शिव नारद को आलिंगन में लेकर प्रेम-विभोर हो बारंबार हर्ष-ध्वनि करते हैं, और कमलासन ब्रह्मा नाचते हुए पुकार उठते हैं, बोलो, बोलो, हरि बोलो!

सहस्रानन, परम-सुखे, 'हरि हरि' बोलि' गाय नाम-प्रभावे, मातिलो विश्व, नाम-रस सबे पाय
अर्थ

सहस्रमुख अनन्त शेष परम सुख में हरि हरि पुकारते हुए गाते हैं। नाम के प्रभाव से सारा विश्व आनंदोन्मत्त हो जाता है और सभी नाम-रस का आस्वादन करते हैं।

श्री-कृष्ण-नाम, रसने स्फुरि', पूरा'लो आमार् आश श्री-रूप-पदे, याचये इहा, भकतिविनोद-दास
अर्थ

श्री कृष्ण का नाम सबकी जिह्वा पर इस प्रकार प्रकट होकर मेरी सभी कामनाएँ पूर्ण कर चुका है। इसलिए भक्तिविनोद, प्रभु का यह दीन सेवक, श्री रूप गोस्वामी के चरणों में यही प्रार्थना करता है कि हरिनाम-कीर्तन सदा इसी प्रकार चलता रहे।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, हरे कृष्ण मन्दिर, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।