Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
1 टेक
अपरूप रथ आगे नाचे गौर-राय सबे मिलि गाय यत यत महा-भागे
अर्थ

श्री गौर राय अद्भुत रथ के आगे नृत्य करते हैं। उनके चारों ओर इकट्ठे होकर महिमावान और सौभाग्यशाली भक्तजन गाते हैं।

भाबेते अबश कि राति दिबस आबेशे किछु ना जाने जगन्नाथ-मुख देखि महा-सुख नाचे गर गर मने
अर्थ

भाव में विभोर होकर उन्हें दिन-रात का पता नहीं रहता। श्री जगन्नाथ का मुख निहारते हुए श्री गौर आनन्द से भर जाते हैं। प्रेम से भरे हृदय के साथ श्री गौर नाचते हैं।

खोल करताल कीर्तन रसाल घन घन हरि-बोल जय जय ध्वनि सुरमण-मणि गगने उठय रोल
अर्थ

खोल और करताल बजते हैं। कीर्तन मधुर है। ऊँचे स्वर में "हरिबोल!" की ध्वनि गूँजती है। "जय! जय!" की ध्वनियाँ, जो समस्त सुखों के रत्नों के समान हैं, आकाश को भर देती हैं।

नीलाचल-बासी आर नाना देशी लोकेर उथल हिया प्रेमेर पाथारे सदा-इ सन्तारे दुखी यदु अभागिया
अर्थ

नीलाचल और अन्य स्थानों के लोग अनुभव करते हैं कि उनके हृदय सदा दिव्य प्रेम के महासागर में तैर रहे हैं। दुखी और अभागा यदु दास भी अनुभव करता है कि उसका हृदय उस सागर में तैर रहा है।