'बाउल् बाउल्' बोल्छे सबे, होच्छे बाउल् कोन् जना
सब लोग 'बाउल बाउल' कहते फिरते हैं, पर सच्चा बाउल अर्थात् भगवत्प्रेम में सचमुच पागल भक्त हुआ कौन? हे भाइयों, केवल लम्बी दाढ़ी और सिर पर चोटी दिखाकर तुम बहुत लोगों को धोखा देते हो।
तुम्हारा देह-तत्त्व का सिद्धांत, कि यह भौतिक शरीर ही दिव्य है, वास्तव में जड़ का ही सिद्धांत है। ऐसा मत मानकर क्या माया के गड्ढे से छुटकारा मिल सकता है? जीवन का परम लक्ष्य चिदानन्द है, पर इस मत से तुम उसे कभी नहीं जान पाओगे।
अरे! यदि तुम सच में सच्चे बाउल बनना चाहते हो, तो धर्म के मार्ग पर चलो। अरे! स्त्रियों के अनुचित संग की मन की लालसा को हर प्रकार से त्याग दो।
अरे! कृष्ण की नकल में नाटकीय वेश और आभूषण धारण करना छोड़कर उनके पवित्र नाम के जप में अनुरक्त हो जाओ। निताई चाँद के सच्चे अनुयायी बनो और सारी बुरी लालसाएँ त्याग दो।
हे मेरे प्रिय भाइयों! अपनी चतुर छलपूर्ण बातें पूरी तरह छोड़कर अपने मुख से 'हरे कृष्ण' का जप करो। चाँद बाउल को भगवान के नाम के भरपूर सहारे के अतिरिक्त और कोई सहारा नहीं दिखता।