Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
भोजन-लालसे रसने आमार शुनोह बिधान मोर श्री-नाम-जुगल- राग-सुधा-रस खाइया थाकोह भोर
अर्थ

हे सुखों की लालसा रखने वाली मेरी जिह्वा! मेरी बात सुन। युगल श्रीनाम के प्रेम-अमृत का पान करके सदा मत्त रह।

नब-सुन्दर-पीयूष राधिका-नाम अति-मिष्ट मनोहर तर्पण-धाम
अर्थ

श्री राधा का नाम नित नूतन, सुन्दर अमृत है। यह अत्यन्त मधुर, मनोहर और आनन्द का धाम है।

कृष्ण-नाम मधुराद्भुत गाढ दुग्धे अतीब जतने कोरो मिश्रित लुब्धे
अर्थ

श्रीकृष्ण का नाम अद्भुत मधुर, गाढ़े दूध के समान है। बड़े यत्न और उत्कंठा से उसे राधा-नाम के साथ मिला लो।

सुरभि राग हिम रम्य ताँहि आनि' अहरह पन कोरोहो सुख जानि'
अर्थ

उसमें अनुराग की सुगन्धित, शीतल बर्फ भी डाल दो। दिन-प्रतिदिन आनन्द से इसे पीते रहो।

नाहि रबे रसने प्राकृत पिपासा अद्भुत रस तुया पूराओबो आशा
अर्थ

फिर जिह्वा पर सांसारिक तृष्णा नहीं टिकेगी। यह अद्भुत रस तुम्हारी सारी इच्छाओं को पूरा कर देगा।

दास-रघुनाथ-पदे भक्तिबिनोद जाचो-इ राधा कृष्ण-नाम प्रमोद
अर्थ

श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी के चरणों में भक्तिविनोद श्री श्री राधा-कृष्ण के नामों के आनन्द की भिक्षा माँगते हैं।