भोजन लालसे रसने आमार
हे सुखों की लालसा रखने वाली मेरी जिह्वा! मेरी बात सुन। युगल श्रीनाम के प्रेम-अमृत का पान करके सदा मत्त रह।
श्री राधा का नाम नित नूतन, सुन्दर अमृत है। यह अत्यन्त मधुर, मनोहर और आनन्द का धाम है।
श्रीकृष्ण का नाम अद्भुत मधुर, गाढ़े दूध के समान है। बड़े यत्न और उत्कंठा से उसे राधा-नाम के साथ मिला लो।
उसमें अनुराग की सुगन्धित, शीतल बर्फ भी डाल दो। दिन-प्रतिदिन आनन्द से इसे पीते रहो।
फिर जिह्वा पर सांसारिक तृष्णा नहीं टिकेगी। यह अद्भुत रस तुम्हारी सारी इच्छाओं को पूरा कर देगा।
श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी के चरणों में भक्तिविनोद श्री श्री राधा-कृष्ण के नामों के आनन्द की भिक्षा माँगते हैं।