Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
किबा खोल करताल बाजे चारि पाशे परिकर साजे
अर्थ

खोल और करताल बज रहे हैं। प्रभु के सहचर चारों ओर उपस्थित हैं।

आजु गायत मधुर लीला शुनि दरबये दारु-शिला
अर्थ

अब भक्तगण प्रभु की लीलाओं के मधुर गीत गाते हैं। इन गीतों को सुनकर पत्थर और सूखी लकड़ी भी पिघल जाते हैं।

3 टेक
रङ्गे नाचये सुन्दर गोरा के बा जाने कि बा भाबे भोर
अर्थ

सुंदर भगवान गौर नृत्य के मंडल में नाचते हैं। उनमें कैसा भाव भरा है? कौन जान सकता है?

नब पुलक-बलित तनु शोहे कनक-पनश जनु
अर्थ

उनके रोम रोम पुलकित हो उठे हैं। उनका शरीर सुवर्ण के समान चमकता है।

सुरसरित-प्रबाह पारा दुटी नयने बहये धारा
अर्थ

उनके नेत्रों से अश्रुओं की गंगा प्रवाहित होती है।

घन घन भुज-युग तुलि गरजये हरि हरि बलि
अर्थ

अपनी बाहें उठाकर वे गर्जना करते हैं, हरि! हरि!

अति पतित पामरे हेरि धरि कोरे करे बेरि बेरि
अर्थ

किसी पतित पापी को देखकर वे उसे बार-बार गले लगाते हैं।

प्रेम-धन दे-इ जने जने छाडि एक नरहरि दीने
अर्थ

वे एक के बाद एक व्यक्ति को प्रेम का धन देते हैं। केवल दीन नरहरि को वह धन नहीं देते।