Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

मानस, देहो, गेहो, जो किछु मोर्

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मानस, देहो, गेहो, जो किछु मोर् अर्पिलू तुवा पदे, नन्द-किशोर्!
अर्थ

हे नन्द-किशोर! मन, शरीर, घर-परिवार, जो कुछ भी मेरा है, वह सब मैंने आपके चरणों में अर्पित कर दिया है।

सम्पदे विपदे, जीवने-मरणे दाय् मम गेला, तुवा ओ-पद बरणे
अर्थ

सुख हो या दुःख, जीवन हो या मृत्यु, आपके उन चरणों को ही अपना आश्रय मान लेने से मेरे सारे कष्ट दूर हो गए हैं।

मारोबि राखोबि-जो इच्छा तोहारा नित्य-दास प्रति तुवा अधिकारा
अर्थ

आप चाहें तो मुझे मार डालें या रक्षा करें, क्योंकि अपने नित्य दास पर यह अधिकार सर्वथा आपका ही है।

जन्माओबि मोए इच्छा जदि तोर् भक्त-गृहे जनि जन्म हौ मोर्
अर्थ

यदि आपकी इच्छा हो कि मैं फिर जन्म लूँ, तो मुझे अपने भक्त के घर में ही जन्म मिले।

कीट-जन्म हौ जथा तुवा दास् बहिर्-मुख ब्रह्म जन्मे नाहि आश्
अर्थ

मैं कीड़े के रूप में भी जन्म ले लूँ, बस आपका भक्त बना रहूँ। परन्तु आपसे विमुख ब्रह्मा बनने की मुझे कोई इच्छा नहीं है।

भुक्ति-मुक्ति-स्पृहा विहीन जे भक्त लभैते ताको सङ्ग अनुरक्त
अर्थ

जो भक्त भोग और मुक्ति की कामना से पूर्णतः रहित है, मैं उसी की संगति के लिए लालायित हूँ।

जनक, जननी, दयित, तनय् प्रभु, गुरु, पति-तुहू सर्व-मोय्
अर्थ

पिता, माता, प्रियतम, पुत्र, प्रभु, गुरु और पति, आप ही मेरे सब कुछ हैं।

भकतिविनोद कोहे, शुनो कान! राधा-नाथ! तुहू हामार पराण
अर्थ

भक्तिविनोद कहते हैं, हे कान्हा! मेरी सुनिए। हे राधानाथ! आप ही मेरे प्राण हैं।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, हरे कृष्ण मन्दिर, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।