Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

मानुष भजन् कोर्छो, ओ भाइ, भावेर् गान् धोरे'

मानुष-भजन् कोर्छो, ओ भाइ, भावेर् गान् धोरे' गुप्त कोरे' राख्छो भालो व्यक्त ह'बे यमेर् घरे
अर्थ

हे मेरे प्रिय भाइयों! तुम मनुष्यों के शरीर की पूजा करते हो, और फिर भी भाव के गीत गाने का दुस्साहस करते हो। तुम अपने गुप्त कर्मों को बड़ी चतुराई से छिपाते हो, परन्तु वे सब यमराज की सभा में पूरी तरह प्रकट हो जाएँगे।

मेये हिज्डे, पुरुष खोजा, तबे तो' होय् कर्त्ता-भजा, एइ छले कोर्छो मजा, मनेर् प्रति चोख ठेरे'
अर्थ

स्त्रियों को हिजड़ा और पुरुषों को नपुंसक मानने वाला ही कर्ता-भजा संप्रदाय का सदस्य कहलाता है। इस विकृत विचार की आड़ में तुम इन्द्रिय-भोग में लगे रहते हो, और इस तरह अपने ही मन को भ्रमित कर लेते हो।

'गुरु सत्य' बोल्छो मुखे, आछो तो, भाइ, जडेर् सुखे, सङ्ग तोमार् बहिर्मुखे, शुद्ध ह'बे केमोन् कोरे?
अर्थ

हे भाइयों, तुम्हारे मुख से 'गुरु सत्य है' यह निकलता है, फिर भी तुम भौतिक भोग-सुख में डूबे रहते हो। तुम खुलेआम ईर्ष्यालु अभक्तों का संग करते हो, तो फिर तुम शुद्ध कैसे हो पाओगे?

योषित्-सङ्ग-अर्थ-लोभे, मजे तो' जीव चित्त-क्षोभे, बाउले कि से-सब् शोभे, आगुन देखे' फडिं मरे
अर्थ

स्त्रियों के संग और धन के लोभ में डूबकर जीव का मन बहुत विचलित हो जाता है, पर क्या सच्चा बाउल इन सांसारिक चीज़ों की चमक से आकर्षित होता है? पतंगा आग को देखकर उसकी ओर दौड़ता है और उसी में गिरकर मर जाता है।

चाँद-बाउल् मिनति कोरि' बोले,-ओ-सब् परिहरि', शुद्ध-भावे बोलो 'हरि', जा'बे भव-सागर-पारे
अर्थ

चाँद बाउल बड़ी विनम्रता से कहते हैं, ये सब पतनकारी बातें छोड़कर शुद्ध भाव से 'हरि' नाम का जप करो। तब तुम निश्चय ही संसार-सागर के पार चले जाओगे।

इस भजन के बारे में

ग्रन्थ
बाउल संगीत
पद
5