Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

श्री चैतन्य नित्याननद श्रीबासादि भक्त बृन्द

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भाइ रे श्री-चैतन्य नित्याननद श्रीबासादि भक्त-बृन्द गौरीदास पण्डितेर घरे लुचि चिनि खीर सार मिठाइ पायस आर पिठा-पाना आस्वादन कोरे
अर्थ

श्री चैतन्य महाप्रभु, श्री नित्यानन्द, श्रीवास और अन्य अनेक भक्तों ने गौरीदास पंडित के घर पर पूरी, चीनी, दूध, मलाई, खीर, मीठे पकवान, मिठाइयाँ और अमृत जैसे पेय पदार्थों का आस्वादन किया।

महाप्रभु भक्त-गणे परम-आनन्द-मने आज्ञा दिलो कोरिते भोजन कृष्णेर प्रसाद-अन्न भोजने हो-इया धन्य कृष्ण बोलि' डाके सर्ब-जन
अर्थ

प्रसन्न हृदय से महाप्रभु ने भक्तों को भोजन करने का आदेश दिया। कृष्ण-प्रसाद ग्रहण करते हुए, वे धन्य भक्त पुकार उठे, "कृष्ण!"