नंदग्राम धाम
वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
श्री वाल्मीकि प्रणाम
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अक्षर
100%
गाते समय
कूजन्तं राम रामेति
मधुरं मधुराक्षरम्
आरुह्य कविता-शाखां
वन्दे वाल्मीकि-कोकिलम्
अर्थ
मैं कोयल रूपी वाल्मीकि की वन्दना करता हूँ, जो कविता की डाल पर बैठकर मीठे-मीठे अक्षरों में 'राम राम' गा रहे हैं।
इस भजन के बारे में
- रचयिता
- बुधकौशिक
- ग्रन्थ
- प्रणाम मन्त्र
- भाव
- पद
- 1