Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
आजु बिरह-भाबे गौराङ्गसुन्दर भूमे पडि कान्दे बोले कांहा प्राणेश्वर
अर्थ

विरह के भाव से अभिभूत होकर श्री गौरांगसुन्दर भूमि पर गिर पड़ते हैं। रोते हुए वे कहते हैं, "मेरे प्राणनाथ कहाँ हैं?"

पुन मूरछिते भेल अति-क्षीण स्वास देखिया लोकेर मने हय बड त्रास
अर्थ

वे मूर्च्छित हो जाते हैं। उनकी साँस बहुत धीमी पड़ जाती है। यह देखकर सबके मन डर से भर जाते हैं।

उच करि भकत करल हरि-बोल शुनिया चेतन पा-इ आङ्खि झरु लोर
अर्थ

जब भक्त ऊँचे स्वर में श्री हरि का नाम गाते हैं, तो श्री गौर सुनकर होश में आ जाते हैं। उनकी आँखों से आँसू बहने लगते हैं।

ऐछन हेर-इते कान्दे नर-नरी ए राधामोहन मरु य-इ बलिहारि
अर्थ

यह देखकर सब लोग रो पड़ते हैं। यह राधामोहन दास अपना सब कुछ श्री गौर को समर्पित करता है।