Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

भाले गौर गदाधरेर आरति

Read in English

सुनें

1 रिकॉर्डिंग
दिखाएँ
टेक्स्ट
भाले गौरा-गदाधरेर आरति नेहारि नदीया-पूरब-भाबे जाउ बोलिहारि
अर्थ

श्रीश्री गौर-गदाधर की सुन्दर आरती को निहारते हुए, मैं नदिया में आने से पूर्व की उनकी उन लीलाओं में प्रवेश करता हूँ। मैं आश्चर्यचकित रह जाता हूँ।

कल्पतरु-तले रत्न-सिंहासनोपरि सबु-सखी-बेष्टित किशोर-किशोरी
अर्थ

गोपियों से घिरे हुए वह किशोर-किशोरी युगल कल्पवृक्ष के नीचे मणि-सिंहासन पर विराजमान हैं।

पुरट-जर्डित कोत मणि-गजमति झमकि' झमकि' लभे प्रति-अङ्ग-ज्योतिः
अर्थ

उनके स्वर्ण, रत्न और गजमुक्ता के आभूषणों की तो कोई गिनती ही नहीं! उनका प्रत्येक अंग बार-बार चमक उठता है।

नील नीरद लागि' बिद्युत्-माला दुहुं अङ्ग मिलि' शोभा भुबन-उजाला
अर्थ

वे नीले मेघ और उसकी बिजली की माला के समान शोभायमान हैं। उनकी यह शोभा और महिमा तीनों लोकों को भर देती है।

शङ्ख बाजे घण्टा बाजे बाजे करताल मधुर मृदङ्ग बाजे परम रसाल
अर्थ

शंख बज रहा है, घंटा बज रहा है, करताल बज रहे हैं। मधुर मृदंग बज रहे हैं। यह सब अत्यन्त रसमय और मधुर है।

बिशाखादि सखी-बृन्द दुहुँ गुण गाओवे प्रिय-नर्म-सखी-गण चामर ढुलाओवे
अर्थ

विशाखा और अन्य सखियाँ युगल की महिमा का गान करती हैं। प्रिय-नर्म-सखियाँ उस युगल पर चामर ढुलाती हैं।

अनङ्ग मञ्जरी चुया-चन्दन देओवे मालतीर माला रूप मञ्जरी लागाओवे
अर्थ

अनंग-मंजरी उस युगल को सुगन्ध और चन्दन अर्पित करती हैं। रूप-मंजरी उन्हें मालती के हार पहनाती हैं।

पञ्च-प्रदीपे धोरि' कर्पूर-बाति ललिता-सुन्दरी कोरे जुगल-आरति
अर्थ

पंचप्रदीप और कर्पूर का दीप धारण करके सुन्दरी ललिता उस युगल की आरती करती हैं।

देबी-लक्ष्मी-श्रुति-गण धरणी लटाओवे गोपी-जन-अधिकार रओवत गाओवे
अर्थ

लक्ष्मी, पार्वती और मूर्तिमान वेद खड़े होकर गोपियों की महिमा गाते हैं। फिर वे आनन्द में भूमि पर लोटने लगते हैं।

भकतिबिनोद रोहि' सुरभी कि कुञ्जे आरति-दरशने प्रेम-सुख भुञ्जे
अर्थ

सुरभि-कुंज में रहते हुए इस आरती को निहारकर भक्तिविनोद प्रेम और आनन्द का अनुभव करते हैं।

ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री। सभी भक्त गायकों की जय।