Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
गम्भीरे भितरे गौर राय जागिया रजनी पोहाय
अर्थ

गम्भीरा के भीतर श्री गौर राय सारी रात्रि जागते रहते हैं।

खेने खेने करये बिलाप खेने खेने रोयत खेने खेने काम्प
अर्थ

क्षण-क्षण में वे विलाप करते हैं, क्षण-क्षण में रोते हैं, क्षण-क्षण में काँपते हैं।

खेने भिते मुख शिर घषे कोन नाहि रहु पहुं पाशे
अर्थ

वे अपना मुख और सिर दीवार से रगड़ते हैं। प्रभु के पास कोई नहीं रहता।

घन कान्दे तुलि दु-इ हात कोथाय आमार प्राण-नाथ
अर्थ

वे रोते हैं। दोनों हाथ उठाकर वे पूछते हैं, "मेरे प्राणनाथ कहाँ हैं?"

नरहरि कहे मोर गोरा रा-इ-प्रेमे ह-इयाछे भोरा
अर्थ

नरहरि कहते हैं, मेरे श्री गौर उसी प्रेम से अभिभूत हैं जो श्री राधा अनुभव करती हैं।