Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

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गाय् गोरा मधुर् स्वरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
अर्थ

गौरसुंदर अत्यंत मधुर स्वर में गाते हैं, "हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥"

गृहे थाको, वने थाको, सदा 'हरि' बोले' डाको, सुखे दुःखे भुलो ना'को, वदने हरि-नाम् कोरो रे
अर्थ

घर में रहो या वन में, सदा 'हरि' कहकर पुकारो। सुख में या दुख में मत भूलो, मुख से सदा हरि-नाम लो।

माया-जाले बद्ध हो 'ये, आछो मिछे काज लो 'ये, एखोन चेतन पे'ये, 'राधा-माधव्' नाम् बोलो रे
अर्थ

तुम माया के जाल में बँधे हुए हो, व्यर्थ कार्यों में लगे हुए हो। अब जब तुम्हें यह चेतना मिली है, तो 'राधा-माधव' का नाम लो।

जीवन होइलो शेष, ना भजिले हृषीकेश भक्तिविनोदोपदेश, एक्बार् नाम्-रसे मातो रे
अर्थ

तुमने इंद्रियों के स्वामी हृषीकेश की भक्ति नहीं की, और यह जीवन कभी भी समाप्त हो सकता है। भक्तिविनोद की यह सीख मानो, एक बार नाम-रस में डूब जाओ।

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ऑडियो के लिए आभार: इस्कॉन डिज़ायर ट्री, इस्कॉन भक्त। सभी भक्त गायकों की जय।