Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
दिखाएँ
टेक्स्ट
गोरा नाचे प्रेम बिनोदिया अखिल-भुबन-पति बिहरे नदीया
अर्थ

प्रेम की क्रीड़ा करते हुए गौर नाचते हैं। सम्पूर्ण लोकों के स्वामी नदिया में विहार करते हैं।

दिग् बिदिग् ना जाने गोरा नाचिते नाचिते चान्द-मुखे हरि बोले कान्दिते कान्दिते
अर्थ

नाचते-नाचते गौर को दिशा का ज्ञान नहीं रहता। उनके मुख का चन्द्रमा 'हरि' बोलता है, और वे रोते-रोते नाचते हैं।

गोलोकेर प्रेम-धन जीबे बिला-इया सङ्कीर्तने नाचे गोरा हरि बोल बलिया
अर्थ

गोलोक से लाये गये प्रेम-रस के धन को वे सब जीवों में उदारतापूर्वक बाँट देते हैं। 'हरिबोल' बोलते हुए गौर संकीर्तन में नाचते हैं।

प्रेमे गर गर अङ्ग मुखे मृदु हास से रसे बञ्चित भेल बलराम दास
अर्थ

प्रेम में उनका शरीर पुलकित हो उठता है। उनके मुख पर मधुर मुसकान छा जाती है। परन्तु हाय! बलराम दास उनकी सेवा के इस रस से वंचित रह गये।