Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
1 टेक
हरि हरि ऐछे भाग्य होयब हामार सहचर सङ्गे रङ्गे पहुं गौरक हेरब नदीया-बिहार
अर्थ

हरि! हरि! कब मैं भाग्यशाली बनूँगा? कब मैं गौर प्रभु को अपने पार्षदों के साथ नदिया में लीला करते देखूँगा?

सुरधुनी-तीरे नटन-रसे पहुं मोर कीर्तन करिब बिलास सो किये हाम नयन भरि हेरब पूरब चिर अभिलाष
अर्थ

कब मैं गंगा के तट पर कीर्तन में नृत्य का रस लेते अपने प्रभु को जी भरकर देखूँगा? कब मेरी यह बहुत पुरानी इच्छा पूरी होगी?

श्रीबास-भबने याब निज-गण सङ्गहि बैठन आपन ठाम डाहिने नित्यानन्द छत्र धरि मस्तके पण्डित गदाधर बामे
अर्थ

कब मैं गौर प्रभु को श्रीवास के घर में आसन पर बैठे देखूँगा? उनके दाहिने खड़े निताई प्रभु गौर प्रभु के मस्तक पर छत्र धारण करेंगे। गदाधर पण्डित गौर प्रभु के बाईं ओर खड़े होंगे।

तब को-इ मोहे ले-इ ताहा या-ओब हेरब सो मुख-चन्द पुलकहि सकल अङ्ग परि पूरब पा-ओब प्रेम-आनन्द
अर्थ

जो कोई वहाँ जाएगा, वह गौर प्रभु के चन्द्रमुख के दर्शन करेगा। उसके रोम-रोम पुलकित हो उठेंगे। वह प्रेमानंद प्राप्त करेगा।

जननी-सम्बोधने यबे घरे आयब कर-बहु भोजन पान रामानन्द आनन्दे तबहु नेहारब स-फल करब दु-नयान
अर्थ

कब माता शची के बुलाने पर मुझे गौर प्रभु के भोजन का कई मुट्ठी प्रसाद मिलेगा? कब रामानंद आनंद से गौर प्रभु के दर्शन करेंगे? तब रामानंद के दोनों नेत्र सफल हो जाएँगे।