Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

कुबेर के दो पुत्रों द्वारा श्री कृष्ण की स्तुति

तुमि देब नारायण देब महेश्वर् सृष्टि स्थिति प्रलयेर तुमि सर्बेश्वर्
अर्थ

आप भगवान नारायण हैं। आप सबके स्वामी हैं। आप भौतिक जगत के सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता और संहारकर्ता हैं।

कोटि-कोटि-ब्रह्माण्डेर तुमि अधिकारी आमरा शकति स्तुति कि करिते पारि
अर्थ

आप करोड़ों-करोड़ ब्रह्माण्डों के नियन्ता हैं। यदि आप मुझे शक्ति दें, तो मैं आपकी महिमा गाने वाली प्रभावशाली स्तुतियाँ कह सकूँगा।

भाल हैल ऋषि मोरे दिल शाप-बाणी याँहार प्रसादे आम्रा देखिनु चक्र-पाणि
अर्थ

जिन ऋषि ने मुझे शाप दिया, उन्होंने मुझे बड़ा वरदान दिया, क्योंकि उन्हीं की कृपा से मैं अब चक्रधारी परम पुरुषोत्तम भगवान के दर्शन कर रहा हूँ।

तोमार् नाम बलिये सेइ हौक् बाणी मुनिर प्रसादे मोर देखिनु चक्र-पाणि
अर्थ

उन ऋषि की कृपा से मैं अब चक्र धारण करने वाले परम पुरुषोत्तम भगवान को देख रहा हूँ। हे प्रभु, जिसके पास वाणी है, उसे उस वाणी से आपके पवित्र नाम का जप करना चाहिए।

सेइ हस्त हौक् जे तोमार कर्म करे से मस्तक हौक् जे तोमारे नमस्कारे
अर्थ

जिसके पास हाथ हैं, उसे अपने हाथों से आपके लिए कार्य करना चाहिए। जिसके पास सिर है, उसे अपने सिर से आपके सामने झुककर प्रणाम करना चाहिए।

सेइ चक्षु हौक् जे तोरे निरीक्षय् सेइ मन हौक् जे तोमाके ध्याय्
अर्थ

जिसके पास नेत्र हैं, उसे आपको निहारना चाहिए। जिसके पास मन है, उसे आपका ध्यान करना चाहिए।

सेइ पाद हौक् जे तोमार क्षेत्र जाय् सेइ जिह्वा हौक् जे तोमार् प्रसाद खाय्
अर्थ

जिसके पास पैर हैं, उसे आपके तीर्थस्थान तक चलकर जाना चाहिए। जिसके पास जीभ है, उसे आपको अर्पित प्रसाद चखना चाहिए।

एतके करिल स्तुति सेइ दुइ जन् हासिया त' दया करि कैल नारायण्
अर्थ

इस तरह उन दोनों ने भगवान की स्तुति की। भगवान नारायण ने मुस्कुराकर उन्हें अपनी कृपा प्रदान की।

इस भजन के बारे में

रचयिता
गुणराज खान
पद
8