Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
रो-इ रो-इ जपे गोरा कृष्ण-नाम-मधु अमिया झरये येन बिमल बिधु
अर्थ

रोते-रोते श्री गौर जप करते हैं। वे श्री कृष्ण के नाम का अमृत ऐसे चखते हैं जैसे निर्मल दिव्य चन्द्रमा पर अमृत की धाराएँ बहती हों।

शिब बिहि नाहि पाय यार पदे भजि तरु-तले बैठल सब सङ्ग तेजि
अर्थ

शिव और ब्रह्मा भी उनके चरणों की पूजा करने निकट नहीं आ सकते। सब साथियों को छोड़कर वे एकान्त में एक वृक्ष के नीचे बैठ जाते हैं।

छाडिया सकल सुख भेल अशकति सात-कुम्भ कलेबर भाब बिभूति
अर्थ

वे सब तुच्छ भौतिक सुखों को त्याग देते हैं। भौतिकता का उन पर कोई प्रभाव नहीं है। उनका स्वर्ण-सा शरीर दिव्य प्रेम-भाव के महान खजाने से भरा हुआ है।

देखिया सकल लोक अनुक्षण कान्दे बासुदेब घोष हिया थिर नाहि बान्धे
अर्थ

उन्हें देखकर सब लोग क्षण-क्षण रोते हैं। अब वासुदेव घोष का हृदय शान्त नहीं रह पाता।