- पद 5भजनदीन कृष्ण-दासे कोय्, एइ येन मोर होय्
श्री-राधा-गोविन्द-प्रेमे सदा येन भासि
“गोविन्द” के परिणाम
219 भजन · 261 पद भजन के शब्दों में
1 पद भजन में
6
1 पद भजन में
6
- पद 3भजनब्रज-जन-पालन, असुर-कुल-नाशन
नन्द-गोधन-राखोवाला
गोविन्द माधव, नवनीत-तस्कर,
सुन्दर नन्द-गोपाला
1 पद भजन में
5
- पद 1भजनप्राणेश्वर! निवेदन एइ जन करे
गोविन्द गोकुलचन्द्र परम आनन्द-कन्द
गोपी-कूल प्रिय देख मोरे
2 पद भजन में
2
2 पद भजन में
1
1 पद भजन में
3
- पद 1भजनदीव्यद्-वृन्दारण्य-कल्प-द्रुमाधः
श्रीमद्-रत्नागार-सिंहासन-स्थौ
श्रीमद्-राधा-श्रील-गोविन्द-देवौ
प्रेष्ठालीभिः सेव्यमानौ स्मरामि
1 पद भजन में
3
- पद 2भजनगोविन्द विग्रह धरि’, तथाय आछेन हरि,
नयने वङ्किम-दृष्टि, मुखे मन्द-हास
किवा त्रि-भङ्गम ठाम, वर्ण समुज्ज्वल श्याम,
नव-किशलय शोभा श्री अङ्गे प्रकाश
2 पद भजन में
- पद 27भजनवयं हन्त गोविन्द सौन्दर्यवन्तं
नमस्कुर्महे शर्म-हेतोर् भवन्तम्
त्वयि स्पष्ट-निष्ठ्यूत-भूयश्-चिद्-इन्दुं
मुदा नः प्रसादी-कुरु प्रेम-बिन्दुम् - पद 28भजनक्षुभ्यद्-दम्भोलि-जृम्भोत्तरल-घन-घटारम्भ-गम्भीर-कर्मा
निस्तम्भो जम्भवैरी गिरि-धृति-चटुलाद् विक्रमाद् येन चक्रे
तन्वा निन्दन्तम् इन्दीवर-दल-वलभी-नन्दद्-इन्दीन्दराभां
तम्- गोविन्दाद्य नन्दालय-शशि-वदनानन्द वन्देमहि त्वाम्
2 पद भजन में
2 पद भजन में
- पद 2भजनयस्याः कान्त-तनूल्लसत्-परिमलेनाकृष्ट उच्चैः स्फुरद्-
गोपी-वृन्द-मुखारविन्द-मधु तत् प्रीत्या धयन्न् अप्य् अदः
मुञ्चन् वर्त्मनि बम्भ्रमीति मदतो गोविन्द-भृङ्गः सतां
वृन्दारण्य-वरेण्य-कल्प-लतिकां राधां कदाहं भजे - पद 8भजनउल्लासैर् जल-केलि-लोलुप-मनः-पूरे निदाघोद्गमे
क्ष्वेलि-लम्पट-मानसाभिर् अभितः सायं सखीभिर् वृताम्
गोविन्दं सरसि प्रिये 'त्र सलिल-क्रीडा-विदग्धं कणैः
सिञ्चन्तीं जलयन्त्रकेन पयसां राधां कदाहं भजे
2 पद भजन में
1 पद भजन में
2
- पद 3भजन‘राधिका गोविन्द’ बलि कान्दिब उच्चैः-स्वरे
भिजिबे सकल अङ्ग नयनेर नीरे
1 पद भजन में
2
- पद 3भजनजय राधा-गोविन्द राधा-गोविन्द राधे
(रूप गोस्वामीर प्राण-धन हे)
1 पद भजन में
2
- पद 1भजनमोर प्रभु मदन गोपाल
श्री गोविन्द गोपीनाथ तुमि अनाथेर नाथ
दया कर मुञि अधमेर
संसार सागर घोरे पडियाछि कारागरे …
1 पद भजन में
1
- पद 4भजनकृष्ण गोविन्द हे राम नारायण
श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे
अछ्युतानन्त हे माधवाधोक्षज
द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक
1 पद भजन में
1
- पद 9भजनमां केशवो गदया प्रातर् अव्याद्
गोविन्द आसङ्गवम् आत्त-वेणुः
नारायणः प्राह्ण उदात्त-शक्तिर्
मध्यन्-दिने विष्णुर् अरीन्द्र-पाणिः
1 पद भजन में
1
- पद 1भजन…श्री-केशवाच्युत मुकुन्द रथाङ्ग-पाणे
गोविन्द माधव जनार्दन दानवारे
नारायणामर-पते त्रि-जगन्-निवास
जिह्वे जपेति सततं मधुराक्षराणि
1 पद भजन में
- पद 3भजन(हरे) हरये नमः कृष्ण यादबाय नमः
गोपाल गोविन्द राम श्री-मधुसूदन
1 पद भजन में
- पद 7भजनपियतो दावानल राखोबि मो’य्
`गोपाल’, `गोविन्द’ नाम तव होय्
1 पद भजन में
- पद 6भजनश्री-राधा-गोविन्द-मिलन-सुख
प्रतिकूल-जन ना हेरि मुख