Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi

चोदिगे गोबिन्द ध्वनि शुनि पहुं हासे

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टेक्स्ट
चोदिगे गोबिन्द-ध्वनि शुनि पहुं हासे कम्पित अधरे गोरा गद गद भाषे
अर्थ

चारों दिशाओं से आती 'गोविन्द!' की ध्वनि सुनकर गौर प्रभु मुसकुराते हैं। वे गद्गद स्वर में टूटे-टूटे शब्द बोलते हैं। उनके होंठ काँपते हैं।

भालि रे गौराङ्ग नाचे यार सङ्गे नित्यानन्द अबनी भासल प्रेमे गाय रामानन्द
अर्थ

आहा! नित्यानन्द प्रभु के साथ गौरांग नाचते हैं, और रामानन्द गाते हैं। सारा संसार प्रेम की बाढ़ से भर गया है।

मुरारि मुकुन्द आसि हेर आ-इस बलि तोम सबार गुणे कान्दे पराण-पुतली
अर्थ

मुरारि और मुकुन्द आते हैं। हर साधु-हृदय रो उठता है।

आर यत भक्त-बृन्द आनन्दे बिभोर बसु रामानन्द ताहे लुबध चकोर
अर्थ

सभी भक्त अब आनन्द से विभोर हैं। प्यासे चकोर पक्षी की तरह रामानन्द वासु इन लीलाओं को निहारते हैं।