Vaishnava Songs
नंदग्राम धाम
नंदग्राम धाम वैष्णव भजन · nandgramdham.org/songs/hi
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टेक्स्ट
सोणार बरण गोरा प्रेम-बिनोदिया प्रेम-जले भासा-ओल नगर नदीया
अर्थ

सुनहरे रंग के गौर प्रभु प्रेम की लीलाओं का आनन्द लेते हैं। वे नदिया के नगरों को प्रेम की बाढ़ में तैरा देते हैं।

परिसर बुक बाहि पडे प्रेम-धारा नाहि जाने दिबा-निशि प्रेमे मातोयारा
अर्थ

प्रेम के अश्रु उनके वक्षस्थल पर बहते रहते हैं। प्रेमानन्द में उन्मत्त होकर उन्हें यह भी ज्ञान नहीं रहता कि दिन है या रात्रि।

गोबिन्देर अङ्गे पहुं अङ्ग हेला-इया बृन्दाबन-गुण शुने मगन ह-इया
अर्थ

वे सहारे के लिए गोविन्द पर झुक जाते हैं। वे वृन्दावन की महिमा सुनने में डूब जाते हैं।

राधा राधा बलि पहुं पडे मूरछिया शिबानन्द कान्दे पहुंर भाब ना बुझिया
अर्थ

"राधा! राधा!" कहते हुए वे मूर्च्छित हो जाते हैं। शिवानन्द रोते हैं। प्रभु के इन भावों को शिवानन्द तनिक भी नहीं समझ पाते।